प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व और निर्देशन में जनपद हरिद्वार में चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान अब तेजी पकड़ चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक चल रहे इस अभियान का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रशासन द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अभियान के दौरान एकत्रित किए गए सूखे एवं गीले कूड़े का जिला पंचायत के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर स्थापित प्लास्टिक वेस्ट कॉम्पैक्टरों के जरिए कूड़े के निस्तारण का कार्य लगातार जारी है। अब तक लगभग एक हजार टन सूखे कूड़े का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है तथा उससे प्लास्टिक के बेल तैयार किए गए हैं जिनका उपयोग आगे पुनर्चक्रण प्रक्रिया में किया जाएगा। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत सभी कॉम्पैक्टरों का संचालन जिला पंचायत द्वारा अपनी निधि से किया जा रहा है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकासखंडों को उपलब्ध कराए गए कूड़ा वाहनों का संचालन क्षेत्र पंचायत विकास निधि से किया जा रहा है जिससे कूड़ा संग्रहण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनी है। जनपद में स्थापित स्वच्छता कंट्रोल रूम (दूरभाष संख्या 8273371714) भी आमजन के लिए उपयोगी मंच साबित हो रहा है। कंट्रोल रूम पर प्राप्त शिकायतों और सुझावों का त्वरित संज्ञान लेते हुए अब तक लगभग 300 शिकायतों का संबंधित विभागों के माध्यम से समयबद्ध निस्तारण किया जा चुका है। स्वच्छता अभियान के नोडल अधिकारी चंद्रकांत मणि त्रिपाठी ने बताया कि पंचायतीराज विभाग द्वारा मानसून से पूर्व संभावित जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में नालियों और नालों की व्यापक सफाई का रोस्टर तैयार कर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग नगर निगम नगर पालिकाएं नगर पंचायतें और खंड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नालियों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं। जनपद प्रशासन का मानना है कि स्वच्छता के प्रति अपनाई जा रही यह सक्रिय और समन्वित कार्यशैली न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान कर रही है बल्कि आमजन को स्वच्छ सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व और निर्देशन में जनपद हरिद्वार में चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान अब तेजी पकड़ चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक चल रहे इस अभियान का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रशासन द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अभियान के दौरान एकत्रित किए गए सूखे एवं गीले कूड़े का जिला पंचायत के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर स्थापित प्लास्टिक वेस्ट कॉम्पैक्टरों के जरिए कूड़े के निस्तारण का कार्य लगातार जारी है। अब तक लगभग एक हजार टन सूखे कूड़े का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है तथा उससे प्लास्टिक के बेल तैयार किए गए हैं जिनका उपयोग आगे पुनर्चक्रण प्रक्रिया में किया जाएगा। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत सभी कॉम्पैक्टरों का संचालन जिला पंचायत द्वारा अपनी निधि से किया जा रहा है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकासखंडों को उपलब्ध कराए गए कूड़ा वाहनों का संचालन क्षेत्र पंचायत विकास निधि से किया जा रहा है जिससे कूड़ा संग्रहण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनी है। जनपद में स्थापित स्वच्छता कंट्रोल रूम (दूरभाष संख्या 8273371714) भी आमजन के लिए उपयोगी मंच साबित हो रहा है। कंट्रोल रूम पर प्राप्त शिकायतों और सुझावों का त्वरित संज्ञान लेते हुए अब तक लगभग 300 शिकायतों का संबंधित विभागों के माध्यम से समयबद्ध निस्तारण किया जा चुका है। स्वच्छता अभियान के नोडल अधिकारी चंद्रकांत मणि त्रिपाठी ने बताया कि पंचायतीराज विभाग द्वारा मानसून से पूर्व संभावित जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में नालियों और नालों की व्यापक सफाई का रोस्टर तैयार कर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग नगर निगम नगर पालिकाएं नगर पंचायतें और खंड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नालियों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं। जनपद प्रशासन का मानना है कि स्वच्छता के प्रति अपनाई जा रही यह सक्रिय और समन्वित कार्यशैली न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान कर रही है बल्कि आमजन को स्वच्छ सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।