प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला गंगा संरक्षण समिति की 73वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार और प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध भी मौजूद रहे। बैठक में मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए किसी भी दशा में गंगा नदी में कूड़ा-कचरा नहीं जाना चाहिए। इसके लिए घाटों पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जो लोग गंगा नदी में कूड़ा-कचरा डालकर उसे प्रदूषित करते हैं उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों द्वारा गंगा नदी में कूड़ा-कचरा तथा कपड़े न फेंके जाएं। इसके लिए नगर निगम को सभी घाटों पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को लगातार जागरूक करने को भी कहा गया। उन्होंने हरकी पैड़ी क्षेत्र के घाटों और पुलों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही हरिद्वार शहर और हरकी पैड़ी क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन व्यापारियों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक और पन्नी का उपयोग किया जा रहा है उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जो घाट क्षतिग्रस्त हैं अथवा जिनकी देखरेख और मरम्मत सही ढंग से नहीं हो पा रही है ऐसे घाटों की सूची तैयार कर नगर निगम को उपलब्ध कराई जाए ताकि आवश्यक कार्यवाही की जा सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने उन पुलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिए जहां इसकी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में जनपद में संचालित सभी सीवेज और सेप्टिक टैंकरों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और सत्यापन के कोई भी सीवेज या सेप्टिक टैंकर संचालित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी टैंकर द्वारा सीवेज को नालियों में न डाला जाए। इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा नगर निगम और सिंचाई विभाग को नालियों की नियमित सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए गए ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध अधिशासी अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी आरओ उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ.राजेंद्र सिंह, उप मुख्य नगर अधिकारी एम.के.यादव जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य समिति सदस्य मनोज निषाद हिमांशु सरीन तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जिला गंगा संरक्षण समिति की 73वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार और प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध भी मौजूद रहे। बैठक में मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए किसी भी दशा में गंगा नदी में कूड़ा-कचरा नहीं जाना चाहिए। इसके लिए घाटों पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जो लोग गंगा नदी में कूड़ा-कचरा डालकर उसे प्रदूषित करते हैं उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों द्वारा गंगा नदी में कूड़ा-कचरा तथा कपड़े न फेंके जाएं। इसके लिए नगर निगम को सभी घाटों पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को लगातार जागरूक करने को भी कहा गया। उन्होंने हरकी पैड़ी क्षेत्र के घाटों और पुलों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही हरिद्वार शहर और हरकी पैड़ी क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन व्यापारियों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक और पन्नी का उपयोग किया जा रहा है उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जो घाट क्षतिग्रस्त हैं अथवा जिनकी देखरेख और मरम्मत सही ढंग से नहीं हो पा रही है ऐसे घाटों की सूची तैयार कर नगर निगम को उपलब्ध कराई जाए ताकि आवश्यक कार्यवाही की जा सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने उन पुलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिए जहां इसकी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में जनपद में संचालित सभी सीवेज और सेप्टिक टैंकरों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और सत्यापन के कोई भी सीवेज या सेप्टिक टैंकर संचालित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी टैंकर द्वारा सीवेज को नालियों में न डाला जाए। इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा नगर निगम और सिंचाई विभाग को नालियों की नियमित सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए गए ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध अधिशासी अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी आरओ उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ.राजेंद्र सिंह, उप मुख्य नगर अधिकारी एम.के.यादव जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य समिति सदस्य मनोज निषाद हिमांशु सरीन तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।