Spread the love

प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में प्रभावी प्रशासन सुशासन एवं जनसेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के सभी 14 चयनित गांवों के शेष प्रस्तावों को शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत जुम्मा गांव को भी शामिल किया गया है। एमबीएडीपी कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 222.52 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 31 कार्यों में से 29 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने डेयरी विभाग एवं ग्रामीण निर्माण विभाग को शेष दो कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 37.75 लाख रुपये एवं वर्ष 2025-26 में 36.16 लाख रुपये की लागत से संचालित सात कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा उन्हें ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के तहत जनपद में अब तक 14,638 आवासों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी मिशन के अंतर्गत 1 जुलाई 2026 से कार्य प्रारंभ होने से पहले सभी विकासखंडों से प्रस्तावित कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही मनरेगा के तहत संचालित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा नियमित सामाजिक अंकेक्षण सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने ई-केवाईसी की प्रगति बढ़ाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के तहत जनपद की 48 सामुदायिक स्तरीय महासंघों को शामिल किया गया है जिनके अंतर्गत 487 गांव आते हैं। इनसे 4,121 स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं तथा कुल 22,072 हितधारक इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं तथा स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमों को मजबूत कर लोगों की आजीविका बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी जिला विकास अधिकारी के.के.पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Whatsapp