प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों का संबंध एचपीवी संक्रमण से होता है। समय पर लगाया गया एचपीवी टीका भविष्य में इस गंभीर बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सहायक है। प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय गोपेश्वर डॉ.अनुराग धनिक ने बताया कि वर्तमान में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन निःशुल्क लगाई जा रही है। यह टीकाकरण स्वास्थ्य केंद्रों एवं एएनएम के माध्यम से नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को निर्धारित आयु में यह टीका अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन को लेकर कुछ भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जाती हैं जबकि यह वैक्सीन विश्व के 150 से अधिक देशों में करोड़ों बालिकाओं और महिलाओं को लगाई जा चुकी है। इसके गंभीर दुष्प्रभावों का कोई प्रमाण नहीं मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। अभियान के तहत पात्र बालिकाएं केवल आधार कार्ड के साथ अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या एएनएम के माध्यम से वैक्सीन लगवा सकती हैं। डॉ.अनुराग धनिक ने कहा कि आज उठाया गया यह छोटा कदम भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों का संबंध एचपीवी संक्रमण से होता है। समय पर लगाया गया एचपीवी टीका भविष्य में इस गंभीर बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सहायक है। प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय गोपेश्वर डॉ.अनुराग धनिक ने बताया कि वर्तमान में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन निःशुल्क लगाई जा रही है। यह टीकाकरण स्वास्थ्य केंद्रों एवं एएनएम के माध्यम से नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को निर्धारित आयु में यह टीका अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन को लेकर कुछ भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जाती हैं जबकि यह वैक्सीन विश्व के 150 से अधिक देशों में करोड़ों बालिकाओं और महिलाओं को लगाई जा चुकी है। इसके गंभीर दुष्प्रभावों का कोई प्रमाण नहीं मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। अभियान के तहत पात्र बालिकाएं केवल आधार कार्ड के साथ अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या एएनएम के माध्यम से वैक्सीन लगवा सकती हैं। डॉ.अनुराग धनिक ने कहा कि आज उठाया गया यह छोटा कदम भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान कर सकता है।