प्रदीप कुमार
भगवानपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। भगवानपुर पुलिस ने लापता हुए 10 वर्षीय बालक को कड़ी मेहनत और सतर्कता के बाद सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की त्वरित और मानवीय कार्रवाई से परिवार में खुशी लौट आई। 7 जून 2026 को वीरेंद्र पुत्र पन्नालाल निवासी ग्राम हुसैनपुर थाना कुमरगांव जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) हाल निवासी रघुनाथ कॉलोनी शिव सिटी कॉलोनी भगवानपुर ने कोतवाली भगवानपुर पहुंचकर सूचना दी कि उनका नाबालिग पुत्र बिना बताए घर से कहीं चला गया है और वापस नहीं लौटा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने बालक की सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक भगवानपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सोशल मीडिया और पुलिस के व्हाट्सएप समूहों में बालक का फोटो प्रसारित किया गया। आसपास के गांवों के लोगों टेंपो चालकों और रिक्शा चालकों को भी बालक की फोटो दिखाकर जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने लगातार विभिन्न स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। 09 जून 2026 को पुलिस टीम की कड़ी मेहनत रंग लाई और लापता बालक अमन कॉलोनी सिसौना के पास अकेला घूमता हुआ मिला। हुलिए का मिलान करने पर वह वही लापता बालक निकला जिसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने बालक को विश्वास में लेकर उसे भोजन और पानी उपलब्ध कराया। पूछताछ में बालक कुलदीप ने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह घर से चला गया था। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित थाने लेकर आई। थाने में बालक के माता-पिता को बुलाकर काउंसलिंग की गई। अपने बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिजनों ने हरिद्वार पुलिस की त्वरित संवेदनशील और मानवीय कार्यवाही के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में शामिल रहे उपनिरीक्षक प्रियंका कांस्टेबल सचिन तोमर कांस्टेबल रविंद्र राणा
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प्रदीप कुमार
भगवानपुर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। भगवानपुर पुलिस ने लापता हुए 10 वर्षीय बालक को कड़ी मेहनत और सतर्कता के बाद सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की त्वरित और मानवीय कार्रवाई से परिवार में खुशी लौट आई। 7 जून 2026 को वीरेंद्र पुत्र पन्नालाल निवासी ग्राम हुसैनपुर थाना कुमरगांव जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) हाल निवासी रघुनाथ कॉलोनी शिव सिटी कॉलोनी भगवानपुर ने कोतवाली भगवानपुर पहुंचकर सूचना दी कि उनका नाबालिग पुत्र बिना बताए घर से कहीं चला गया है और वापस नहीं लौटा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर बालक की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने बालक की सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक भगवानपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सोशल मीडिया और पुलिस के व्हाट्सएप समूहों में बालक का फोटो प्रसारित किया गया। आसपास के गांवों के लोगों टेंपो चालकों और रिक्शा चालकों को भी बालक की फोटो दिखाकर जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम ने लगातार विभिन्न स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। 09 जून 2026 को पुलिस टीम की कड़ी मेहनत रंग लाई और लापता बालक अमन कॉलोनी सिसौना के पास अकेला घूमता हुआ मिला। हुलिए का मिलान करने पर वह वही लापता बालक निकला जिसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने बालक को विश्वास में लेकर उसे भोजन और पानी उपलब्ध कराया। पूछताछ में बालक कुलदीप ने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह घर से चला गया था। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित थाने लेकर आई। थाने में बालक के माता-पिता को बुलाकर काउंसलिंग की गई। अपने बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिजनों ने हरिद्वार पुलिस की त्वरित संवेदनशील और मानवीय कार्यवाही के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में शामिल रहे उपनिरीक्षक प्रियंका कांस्टेबल सचिन तोमर कांस्टेबल रविंद्र राणा