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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी के न्यायालय में लंबित स्टाम्प वादों की सुनवाई के दौरान स्टाम्प शुल्क की कमी से संबंधित छह मामलों का निस्तारण किया गया। जांच एवं सुनवाई में पाया गया कि संबंधित पक्षकारों द्वारा संपत्तियों के वास्तविक स्वरूप को छिपाते हुए तथा भूमि के उपयोग से संबंधित गलत जानकारी प्रस्तुत कर स्टाम्प शुल्क का अपवंचन किया गया था। मामलों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने कमी स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त अर्थदंड तथा विलेख निष्पादन की तिथि से निर्णय की तिथि तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से शास्ति अधिरोपित की। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि स्टाम्प शुल्क अपवंचन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रकरण में ऋषिकेश के छह व्यक्तियों द्वारा व्यवसायिक भूमि को आवासीय प्रयोजन के लिए दर्शाकर स्टाम्प शुल्क अपवंचन करने का मामला सामने आया जिस पर न्यायालय ने शास्ति अधिरोपित की। इन छह मामलों में न्यायालय द्वारा कुल 8 लाख 84 हजार 680 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से संपत्ति संबंधी दस्तावेजों में सही एवं तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।

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