प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरआरसी) लैंसडाउन में विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सैन्य अधिकारियों जवानों एवं उनके परिजनों को योग के प्रति जागरूक कर स्वस्थ संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रातःकाल आयोजित योग सत्र में सैन्य अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप कमांडेंट कर्नल सिरोही रहे। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा नियमित योगाभ्यास से होने वाले शारीरिक मानसिक और भावनात्मक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर कर्नल सिरोही ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ मानसिक रूप से सशक्त और आत्मिक रूप से संतुलित बनाता है। उन्होंने सैन्य अधिकारियों और जवानों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग तनाव प्रबंधन, एकाग्रता बढ़ाने तथा कार्यक्षमता में सुधार का प्रभावी माध्यम है। सायंकाल आयोजित दूसरे योग सत्र में सैन्य अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को योग के महत्व स्वस्थ जीवनशैली में इसकी भूमिका तथा नियमित योगाभ्यास से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कर स्वयं को स्वस्थ रखने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। योग सत्रों के माध्यम से सैन्य परिवारों के बीच स्वास्थ्य फिटनेस और मानसिक संतुलन का सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम ने सैन्य अधिकारियों जवानों और उनके परिजनों को योग के महत्व से जोड़ने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संकल्प भी दोहराया।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरआरसी) लैंसडाउन में विशेष योग सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सैन्य अधिकारियों जवानों एवं उनके परिजनों को योग के प्रति जागरूक कर स्वस्थ संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रातःकाल आयोजित योग सत्र में सैन्य अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप कमांडेंट कर्नल सिरोही रहे। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा नियमित योगाभ्यास से होने वाले शारीरिक मानसिक और भावनात्मक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर कर्नल सिरोही ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ मानसिक रूप से सशक्त और आत्मिक रूप से संतुलित बनाता है। उन्होंने सैन्य अधिकारियों और जवानों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग तनाव प्रबंधन, एकाग्रता बढ़ाने तथा कार्यक्षमता में सुधार का प्रभावी माध्यम है। सायंकाल आयोजित दूसरे योग सत्र में सैन्य अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को योग के महत्व स्वस्थ जीवनशैली में इसकी भूमिका तथा नियमित योगाभ्यास से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कर स्वयं को स्वस्थ रखने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। योग सत्रों के माध्यम से सैन्य परिवारों के बीच स्वास्थ्य फिटनेस और मानसिक संतुलन का सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम ने सैन्य अधिकारियों जवानों और उनके परिजनों को योग के महत्व से जोड़ने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संकल्प भी दोहराया।