संध्या देवी की सफलता की कहानी-आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार के समस्त विकासखंडों में अल्ट्रा पूवर सपोर्ट,एंटरप्राइजेज फॉर्म & नॉन फॉर्म,सीबीओ लेवल के एंटरप्राइजेज की स्थापना की गई है। हरिद्वार जिले के भगवानपुर विकासखंड के बालेकी युसुफ़पुर गाँव की संध्या देवी एक मेहनती महिला हैं। पहले वह अपने घर से ही छोटे स्तर पर ब्यूटी पार्लर का काम करती थीं,जिससे उनकी मासिक आय मात्र ₹1500 से ₹2000 ही हो पाती थी,जो उनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं थी। संध्या का सपना था कि वह अपने ब्यूटी पार्लर को बड़ा करें और अपनी आय बढ़ाएँ,लेकिन आर्थिक बाधाओं के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था।इसी दौरान,संध्या को ग्रामोत्थान रीप परियोजना के बारे में पता चला। यह परियोजना उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति द्वारा ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही है।ग्रामोत्थान रीप परियोजना के तहत,संध्या देवी को नॉन फार्म एंटरप्राइज में एकल गतिविधि’ के रूप में ब्यूटी पार्लर के लिए सहायता मिली। उन्हें परियोजना से ₹20,000 का अनुदान और ₹30,000 का बैंक ऋण प्राप्त हुआ,साथ ही ₹50,000 का स्वयं का योगदान भी था। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने हेयर स्ट्रेट मशीन,ज्वेलरी किराए पर देने और ब्राइडल मेकअप का काम शुरू किया।ग्रामोत्थान रीप परियोजना के सहयोग से संध्या देवी की स्थिति में जबरदस्त सुधार आया है। अब उनके पास अपना पार्लर और अपनी मशीनें हैं। परियोजना से प्राप्त सहायता के बाद,वह प्रतिमाह ₹7000-₹9000 की बचत भी कर पा रही हैं। संध्या देवी ग्रामोत्थान रीप परियोजना की एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी हैं,जो दर्शाती है कि कैसे सही मार्गदर्शन और सहायता से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
