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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जन्मजात अथवा बचपन से टाइप-1 मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में भी निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने टाइप-1 मधुमेह रोगियों के उपचार देखभाल और निरंतर निगरानी के लिए सीएचसी अगस्त्यमुनि में गुबारा क्लीनिक की शुरुआत कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश के निर्देशन में बुधवार को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.अक्षित ममगाईं ने सीएचसी अगस्त्यमुनि में गुबारा क्लीनिक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि क्लीनिक के माध्यम से जन्मजात एवं बचपन से टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित बच्चों और युवाओं को नियमित इंसुलिन मॉनिटरिंग इंसुलिन की उपलब्धता तथा गैर संचारी रोग एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही रोगियों को मधुमेह मॉनिटरिंग किट भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में नवंबर 2025 में गुबारा क्लीनिक की शुरुआत की गई थी। इसके बाद जनपद की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में टाइप-1 मधुमेह से ग्रसित मरीजों की पहचान होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय के कक्ष संख्या-04 में स्थापित गुबारा क्लीनिक में पंजीकरण और उपचार के लिए भेजा जाता था। अब अगस्त्यमुनि में क्लीनिक शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय तक नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से टाइप-1 मधुमेह रोगियों की नियमित निगरानी उपचार और परामर्श सेवाओं में सुधार होगा तथा रोगियों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी। कार्यक्रम में डब्ल्यू.जे.क्लिंटन फाउंडेशन के शोएब जहीदी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.हेमा असवाल डॉ.प्रियांशु सीपीएचसी समन्वयक विजय रावत बलवंत बजवाल आशुतोष बर्तवाल राहुल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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