प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं के अंतर्गत हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में भव्य मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह संस्थान भारतीय ज्ञान परंपरा संस्कृति तथा प्राच्य विद्याओं के संरक्षण संवर्धन और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर.के. सुधांशु ने गुरुवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ ऋषिकुल मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रस्तावित संस्थान के लिए उपलब्ध भूमि तथा आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्थलीय निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) सभागार में बैठक कर परियोजना की विस्तृत रूपरेखा भूमि संबंधी विषयों मूर्ति स्थापना चारदीवारी आधारभूत संरचना मंच निर्माण पार्किंग व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि सभी विभाग एक सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर की कार्यवाही हेतु सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर की कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को नोडल अधिकारी नामित किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रस्तावित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान भारतीय संस्कृति एवं प्राचीन ज्ञान-विज्ञान के संरक्षण और शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। संस्थान में योग ज्योतिष वास्तुशास्त्र भारतीय कला दर्शन वैदिक अध्ययन तथा अन्य प्राच्य विद्याओं पर शोध अध्ययन और प्रशिक्षण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बैठक के दौरान शोध संस्थान के सफल क्रियान्वयन के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण भी किया गया। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल सचिव आयुष रंजना राजगुरु महानिदेशक संस्कृति एवं भाषा युगल किशोर पंत कुंभ मेलाधिकारी सोनिका जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.स्वास्तिक जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं के अंतर्गत हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में भव्य मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह संस्थान भारतीय ज्ञान परंपरा संस्कृति तथा प्राच्य विद्याओं के संरक्षण संवर्धन और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आर.के. सुधांशु ने गुरुवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ ऋषिकुल मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रस्तावित संस्थान के लिए उपलब्ध भूमि तथा आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्थलीय निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) सभागार में बैठक कर परियोजना की विस्तृत रूपरेखा भूमि संबंधी विषयों मूर्ति स्थापना चारदीवारी आधारभूत संरचना मंच निर्माण पार्किंग व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि सभी विभाग एक सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर की कार्यवाही हेतु सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर की कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को नोडल अधिकारी नामित किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रस्तावित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान भारतीय संस्कृति एवं प्राचीन ज्ञान-विज्ञान के संरक्षण और शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। संस्थान में योग ज्योतिष वास्तुशास्त्र भारतीय कला दर्शन वैदिक अध्ययन तथा अन्य प्राच्य विद्याओं पर शोध अध्ययन और प्रशिक्षण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बैठक के दौरान शोध संस्थान के सफल क्रियान्वयन के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण भी किया गया। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल सचिव आयुष रंजना राजगुरु महानिदेशक संस्कृति एवं भाषा युगल किशोर पंत कुंभ मेलाधिकारी सोनिका जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.स्वास्तिक जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।