प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 के दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारियां लगातार गति पकड़ रही हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महापर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कुंभ मेला प्रशासन आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ संत समाज के सुझावों और अनुभवों को भी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप कुंभ नगरी में व्यापक स्तर पर तैयारियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में मेला प्रशासन द्वारा विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों के प्रमुख संतों से लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है ताकि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं संत समाज की अपेक्षाओं और परंपराओं के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकें। गुरुवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैरागी अखाड़ा निर्वाणी के मुरली दास महाराज नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं मिश्री मठ के प्रमुख शंकर करौली महाराज सहित अनेक प्रमुख संतों से भेंट कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की जानकारी साझा की। इस दौरान संतों से विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव और फीडबैक भी प्राप्त किए गए। भेंटवार्ता के दौरान संतों ने कुंभ मेले की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान है। यह ऐसा अवसर है जहां आध्यात्मिकता ज्ञान तप सेवा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। संतों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कुंभ मेले को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं जो सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुंभ मेला श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के साथ एक दिव्य अनुभव प्रदान करेगा। संत समाज ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से आगामी कुंभ मेले में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा इस महान आध्यात्मिक पर्व का पुण्य लाभ प्राप्त करने का आह्वान भी किया।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 के दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारियां लगातार गति पकड़ रही हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महापर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कुंभ मेला प्रशासन आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ संत समाज के सुझावों और अनुभवों को भी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप कुंभ नगरी में व्यापक स्तर पर तैयारियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में मेला प्रशासन द्वारा विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों के प्रमुख संतों से लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है ताकि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं संत समाज की अपेक्षाओं और परंपराओं के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकें। गुरुवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैरागी अखाड़ा निर्वाणी के मुरली दास महाराज नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं मिश्री मठ के प्रमुख शंकर करौली महाराज सहित अनेक प्रमुख संतों से भेंट कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की जानकारी साझा की। इस दौरान संतों से विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव और फीडबैक भी प्राप्त किए गए। भेंटवार्ता के दौरान संतों ने कुंभ मेले की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान है। यह ऐसा अवसर है जहां आध्यात्मिकता ज्ञान तप सेवा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। संतों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कुंभ मेले को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं जो सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुंभ मेला श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के साथ एक दिव्य अनुभव प्रदान करेगा। संत समाज ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से आगामी कुंभ मेले में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने तथा इस महान आध्यात्मिक पर्व का पुण्य लाभ प्राप्त करने का आह्वान भी किया।