प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने फार्मर रजिस्ट्री तथा स्वैच्छिक चकबंदी योजना की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एग्रीस्टेक योजना के अंतर्गत किसानों के पंजीकरण की प्रगति और स्वैच्छिक चकबंदी योजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि एग्रीस्टेक योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके अंतर्गत जनपद में अब तक 33,042 किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। उन्होंने सभी तहसीलदारों उप जिलाधिकारियों तथा मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि कॉमन सर्विस सेंटरों और विभिन्न विभागों के सहयोग से अधिक से अधिक पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने जानकारी दी कि कृषि उद्यान सहकारिता मत्स्य पंचायती राज ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग के सहयोग से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्रेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में शिविरों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। अपर जिलाधिकारी ने जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने निकटवर्ती कॉमन सर्विस सेंटर अथवा पंजीकरण शिविरों के माध्यम से अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं जिससे उन्हें सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में स्वैच्छिक चकबंदी योजना की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को योजना के प्रावधानों प्रक्रिया और क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वैच्छिक चकबंदी नीति के अंतर्गत जनपद के 10 गांवों का चयन किया जाए तथा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी सहित जनपद के सभी तहसीलदार और उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने फार्मर रजिस्ट्री तथा स्वैच्छिक चकबंदी योजना की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एग्रीस्टेक योजना के अंतर्गत किसानों के पंजीकरण की प्रगति और स्वैच्छिक चकबंदी योजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि एग्रीस्टेक योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके अंतर्गत जनपद में अब तक 33,042 किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। उन्होंने सभी तहसीलदारों उप जिलाधिकारियों तथा मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि कॉमन सर्विस सेंटरों और विभिन्न विभागों के सहयोग से अधिक से अधिक पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएं तथा शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने जानकारी दी कि कृषि उद्यान सहकारिता मत्स्य पंचायती राज ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग के सहयोग से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्रेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में शिविरों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। अपर जिलाधिकारी ने जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने निकटवर्ती कॉमन सर्विस सेंटर अथवा पंजीकरण शिविरों के माध्यम से अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं जिससे उन्हें सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में स्वैच्छिक चकबंदी योजना की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को योजना के प्रावधानों प्रक्रिया और क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वैच्छिक चकबंदी नीति के अंतर्गत जनपद के 10 गांवों का चयन किया जाए तथा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी सहित जनपद के सभी तहसीलदार और उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे।