प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय नशा उन्मूलन दिवस के अवसर पर हरिद्वार पुलिस की एएनटीएफ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाइन सभागार में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों से आए लोगों प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षियों तथा अन्य प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों कानूनी प्रावधानों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित वीडियो प्रदर्शित किए गए तथा विशेषज्ञों ने नशे से होने वाले शारीरिक मानसिक और सामाजिक नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्यक्रम में उपस्थित नशे से प्रभावित व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। एएनटीएफ टीम ने प्रतिभागियों को नशामुक्ति साइबर अपराधों से बचाव तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इन विषयों पर जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को नशा संबंधी मानस पोर्टल हेल्पलाइन 1933 साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 तथा अन्य पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य एएनटीएफ टीम नशामुक्ति केंद्रों से जुड़े लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षी तथा अन्य प्रतिभागियों सहित लगभग 250 लोगों ने भाग लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
Spread the love
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय नशा उन्मूलन दिवस के अवसर पर हरिद्वार पुलिस की एएनटीएफ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाइन सभागार में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों से आए लोगों प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षियों तथा अन्य प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों कानूनी प्रावधानों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित वीडियो प्रदर्शित किए गए तथा विशेषज्ञों ने नशे से होने वाले शारीरिक मानसिक और सामाजिक नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्यक्रम में उपस्थित नशे से प्रभावित व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। एएनटीएफ टीम ने प्रतिभागियों को नशामुक्ति साइबर अपराधों से बचाव तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इन विषयों पर जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को नशा संबंधी मानस पोर्टल हेल्पलाइन 1933 साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 तथा अन्य पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य एएनटीएफ टीम नशामुक्ति केंद्रों से जुड़े लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षी तथा अन्य प्रतिभागियों सहित लगभग 250 लोगों ने भाग लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।