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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। वर्षा ऋतु के दौरान गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में संचालित सभी आरबीएम (रेत बजरी एवं बोल्डर) चुगान तथा मिट्टी खुदाई पर 30 जून 2026 के सूर्यास्त के बाद से अगले आदेशों तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अवैध खनन मानते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि यह आदेश निदेशक भूतत्त्व एवं खनिकर्म इकाई उद्योग निदेशालय उत्तराखंड द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में लागू किया गया है। इसके तहत जनपद में आरबीएम चुगान एवं मिट्टी खुदाई के लिए जारी सभी अनुज्ञापत्र एवं अनुमतियां 30 जून 2026 के सूर्यास्त के बाद से अगले आदेशों तक प्रभावी नहीं रहेंगी। उन्होंने सभी पट्टाधारकों एवं अनुज्ञाधारकों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय के बाद आरबीएम चुगान और मिट्टी खुदाई का कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करना सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करते हुए यदि कोई खनन कार्य करता पाया गया तो उसे अवैध खनन माना जाएगा तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित खनन नियमावली एवं भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों एवं प्रवर्तन एजेंसियों को भी निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध अवधि के दौरान सभी खनन क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार के अवैध खनन की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जनसुरक्षा पर्यावरण संरक्षण तथा नदी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

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