प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल बेस चिकित्सालय श्रीकोट की गंभीर लापरवाही उस समय सामने आई जब अस्पताल परिसर से निकलने वाले खतरनाक बायोमेडिकल वेस्ट को नगर निगम की सामान्य कूड़ा गाड़ी में डाला जाता पाया गया। इस लापरवाही से संक्रमण फैलने और गंभीर बीमारियों के प्रसार का खतरा उत्पन्न हो गया था। मामले का खुलासा नगर निगम के निरीक्षण के दौरान हुआ जिसके बाद निगम प्रशासन ने संबंधित फर्म पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए नोटिस जारी किया है। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने बताया कि 23 जून को नियमित निरीक्षण के तहत ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा किया गया। शाम के समय बेस अस्पताल श्रीकोट से आने वाली कूड़ा गाड़ी पहुंची जिसमें नीली पीली हरी और लाल रंग की थैलियां दिखाई दीं। संदेह होने पर जब इन थैलियों की जांच की गई तो उनमें बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट पाया गया। जांच के दौरान बिना निस्तारित की गई सिरिंज कैन्यूला ड्रिप बोतलें यूरिन ब्लैडर बीटाडिन खून से सने ग्लव्स कॉटन बैंडेज तथा अन्य संक्रमित सामग्री बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार यह सामग्री सफाई कर्मियों पर्यावरण मित्रों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती थी तथा इससे गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा था। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के अनुसार बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से स्वयं निस्तारण करना अनिवार्य है। इसके बावजूद अस्पताल से संबंधित फर्म द्वारा नियमों का खुला उल्लंघन किया गया। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि बेस अस्पताल में कार्यरत मैसर्स निर्मल फैसिलिटी द्वारा मेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़ा वाहन में डालकर नियमों की अनदेखी की गई। इस संबंध में जीपीएस आधारित फोटोग्राफ भी नगर निगम के पास सुरक्षित हैं। गंभीर लापरवाही को देखते हुए संबंधित फर्म पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है तथा तीन दिन के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर आरती भंडारी ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि मेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़े में मिलाना लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इससे सफाई कर्मियों पर्यावरण मित्रों और आम नागरिकों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल बेस चिकित्सालय श्रीकोट की गंभीर लापरवाही उस समय सामने आई जब अस्पताल परिसर से निकलने वाले खतरनाक बायोमेडिकल वेस्ट को नगर निगम की सामान्य कूड़ा गाड़ी में डाला जाता पाया गया। इस लापरवाही से संक्रमण फैलने और गंभीर बीमारियों के प्रसार का खतरा उत्पन्न हो गया था। मामले का खुलासा नगर निगम के निरीक्षण के दौरान हुआ जिसके बाद निगम प्रशासन ने संबंधित फर्म पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए नोटिस जारी किया है। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने बताया कि 23 जून को नियमित निरीक्षण के तहत ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा किया गया। शाम के समय बेस अस्पताल श्रीकोट से आने वाली कूड़ा गाड़ी पहुंची जिसमें नीली पीली हरी और लाल रंग की थैलियां दिखाई दीं। संदेह होने पर जब इन थैलियों की जांच की गई तो उनमें बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट पाया गया। जांच के दौरान बिना निस्तारित की गई सिरिंज कैन्यूला ड्रिप बोतलें यूरिन ब्लैडर बीटाडिन खून से सने ग्लव्स कॉटन बैंडेज तथा अन्य संक्रमित सामग्री बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार यह सामग्री सफाई कर्मियों पर्यावरण मित्रों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती थी तथा इससे गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा था। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के अनुसार बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से स्वयं निस्तारण करना अनिवार्य है। इसके बावजूद अस्पताल से संबंधित फर्म द्वारा नियमों का खुला उल्लंघन किया गया। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि बेस अस्पताल में कार्यरत मैसर्स निर्मल फैसिलिटी द्वारा मेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़ा वाहन में डालकर नियमों की अनदेखी की गई। इस संबंध में जीपीएस आधारित फोटोग्राफ भी नगर निगम के पास सुरक्षित हैं। गंभीर लापरवाही को देखते हुए संबंधित फर्म पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है तथा तीन दिन के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर आरती भंडारी ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि मेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़े में मिलाना लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इससे सफाई कर्मियों पर्यावरण मित्रों और आम नागरिकों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।