प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद मुख्यालय स्थित जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सोमवार को 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 133वीं जयंती पर उनके जीवन एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने बताया कि सांख्यिकी कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम "प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना" निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का प्रभावी एवं वैज्ञानिक उपयोग सुशासन तथा सुदृढ़ नीति निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध आंकड़े सरकार को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं। विभिन्न विभागों एवं मंत्रालयों के बीच आंकड़ों की गुणवत्ता समन्वय तथा साझाकरण को बढ़ावा देकर योजनाओं की बेहतर योजना प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सकती है। इससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का समुचित उपयोग आर्थिक विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सटीक और समयबद्ध आंकड़ों के आधार पर ही विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी नीति निर्माण संभव है। कार्यक्रम में अपर सांख्यिकीय अधिकारी रणजीत रावत सहित सभी सहायक सांख्यिकी अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद मुख्यालय स्थित जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सोमवार को 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 133वीं जयंती पर उनके जीवन एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने बताया कि सांख्यिकी कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का प्रभावी एवं वैज्ञानिक उपयोग सुशासन तथा सुदृढ़ नीति निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध आंकड़े सरकार को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं। विभिन्न विभागों एवं मंत्रालयों के बीच आंकड़ों की गुणवत्ता समन्वय तथा साझाकरण को बढ़ावा देकर योजनाओं की बेहतर योजना प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सकती है। इससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का समुचित उपयोग आर्थिक विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सटीक और समयबद्ध आंकड़ों के आधार पर ही विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी नीति निर्माण संभव है। कार्यक्रम में अपर सांख्यिकीय अधिकारी रणजीत रावत सहित सभी सहायक सांख्यिकी अधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।