Spread the love

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल दूरदर्शी और विकासपरक नेतृत्व में सरकार के सफलतापूर्वक 5 वर्ष पूर्ण होने पर विधि जगत और अधिवक्ता समाज में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक अवसर पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं समस्त अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री के इस सफल कार्यकाल का जश्न मनाने और बधाई संदेश प्रेषित करने के लिए उत्तराखंड विधि जगत की तमाम जानी-मानी हस्तियां एक साथ आईं। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं और पदाधिकारियों में शामिल रहे:अनूप श्री पांथरी संरक्षक बार एसोसिएशन एवं जिला संयोजक विधि प्रकोष्ठ भाजपा अर्जुन सिंह भंडारी पूर्व अध्यक्ष बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड दीपक भंडारी पूर्व अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन परमेश चंद्र जोशी अध्यक्ष विकास पंत जिला सहसंयोजक विधि प्रकोष्ठ भाजपा एवं पूर्व महासचिव बार एसोसिएशन श्रीनगर ब्रह्मानंद भट्ट महासचिव प्रदीप मैठानी पूर्व सह-सचिव एवं जिला सहसंयोजक विधि प्रकोष्ठ भाजपा देवी प्रसाद खरे सह-सचिव विवेक जोशी पूर्व उपाध्यक्ष कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट सुनीता भंडारी बलवीर सिंह रौतेला सुरेंद्र सिंह रौथान ओम प्रकाश मैठानीक्षनितेश भारती आनंद सिंह बुटोला परमानंद मैठाणी गौरव उपाध्याय राजेश जैन कुलदीप दानू अनुपम गोयल लक्ष्मीकांत सुश्री प्रेरणा काला राखी रॉय रतन सिंह बिष्ट आदि। बधाई संदेश में बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी तथा बार एसोसिएशन के संरक्षक अनूप श्री पांथरी सहित सभी अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साहसिक निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने राज्य के हित में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं:मदरसा बोर्ड की समाप्ति व कड़ी कार्रवाई:देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया और अवैध रूप से संचालित मदरसों पर कड़ा एक्शन लिया गया। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून:युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ उम्रकैद और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का देश का सबसे कड़ा कानून लागू किया। समान नागरिक संहिता (UCC):सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता लागू की। धर्मांतरण और दंगा रोधी सख्त कानून:राज्य की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जबरन धर्म परिवर्तन और दंगा करने वालों के खिलाफ बेहद कठोर कानूनी प्रावधान किए गए। महिला सशक्तिकरण व रोजगार:सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण की कानूनी गारंटी दी गई और 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार प्रदान किया गया। एवं उत्तराखंड ने राष्ट्रपटल परएक शिक्षित राज्य के रूप में अपनी नई और गौरवपूर्ण पहचान दर्ज कराई है समस्त उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी का यह कार्यकाल सुशासन न्याय और अंत्योदय को समर्पित रहा है। समस्त बार संगठन श्रीनगर परिवार ने मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य दीर्घायु और राज्य की निरंतर प्रगति के लिए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp