प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना एवं मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना 2026-27 के तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद विकासखंड न्याय पंचायत एवं नगर क्षेत्र स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से चयन प्रक्रिया के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना के तहत विद्यालय स्तर पर प्रारंभिक चयन करते हुए छह आयु वर्गों में दो-दो बालक एवं दो-दो बालिकाओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी जो निर्धारित पी-सेट मानकों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करेगी। उन्होंने बताया कि चयन के लिए खिलाड़ी का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र अथवा विद्यालय द्वारा जारी अंकपत्र या बोनाफाइड प्रमाण पत्र मान्य होंगे। चयनित खिलाड़ियों को अपने बैंक खाते की पासबुक की प्रति भी प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि न्याय पंचायत नगर पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों में चयन स्थलों का निर्धारण खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर से प्रतिनिधियों की तैनाती करेंगे। जिला क्रीड़ा अधिकारी चयन प्रक्रिया से पूर्व जिला एवं विकासखंड खेल समन्वयकों का कार्यशाला आयोजित कर उन्हें चयन प्रक्रिया के सभी मानकों की जानकारी देंगे। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए जनपद स्तर पर होने वाली सभी चयन प्रक्रियाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। चयन स्थलों पर आवश्यक खेल सामग्री की व्यवस्था खेल विभाग एवं शिक्षा विभाग आपसी समन्वय से करेंगे। जनपद स्तर पर प्रत्येक आयु वर्ग में 25-25 बालक एवं 25-25 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। इस प्रकार जनपद के कुल 300 मेधावी खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक चयन स्थल पर स्वास्थ्य विभाग प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा जबकि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पेयजल एवं साफ-सफाई की व्यवस्था संबंधित विभाग करेंगे। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा सुरक्षा एवं अन्य सहयोगी कार्यों के लिए पीआरडी स्वयंसेवकों तथा क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उनकी खेल प्रतिभा निखारने के लिए जिला क्रीड़ा कार्यालय समय-समय पर तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ परामर्श भी निशुल्क उपलब्ध कराएगा। बैठक के अंत में जिला क्रीड़ा अधिकारी ने सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए गत वर्ष की भांति सहयोग की अपेक्षा की तथा चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने का आग्रह किया। बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी मुख्य शिक्षा अधिकारी जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी व्यायाम प्रशिक्षक जिला खेल समन्वयक तथा सभी विकासखंड खेल समन्वयक उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना एवं मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना 2026-27 के तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद विकासखंड न्याय पंचायत एवं नगर क्षेत्र स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से चयन प्रक्रिया के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना के तहत विद्यालय स्तर पर प्रारंभिक चयन करते हुए छह आयु वर्गों में दो-दो बालक एवं दो-दो बालिकाओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी जो निर्धारित पी-सेट मानकों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करेगी। उन्होंने बताया कि चयन के लिए खिलाड़ी का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र अथवा विद्यालय द्वारा जारी अंकपत्र या बोनाफाइड प्रमाण पत्र मान्य होंगे। चयनित खिलाड़ियों को अपने बैंक खाते की पासबुक की प्रति भी प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि न्याय पंचायत नगर पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों में चयन स्थलों का निर्धारण खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर से प्रतिनिधियों की तैनाती करेंगे। जिला क्रीड़ा अधिकारी चयन प्रक्रिया से पूर्व जिला एवं विकासखंड खेल समन्वयकों का कार्यशाला आयोजित कर उन्हें चयन प्रक्रिया के सभी मानकों की जानकारी देंगे। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए जनपद स्तर पर होने वाली सभी चयन प्रक्रियाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। चयन स्थलों पर आवश्यक खेल सामग्री की व्यवस्था खेल विभाग एवं शिक्षा विभाग आपसी समन्वय से करेंगे। जनपद स्तर पर प्रत्येक आयु वर्ग में 25-25 बालक एवं 25-25 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। इस प्रकार जनपद के कुल 300 मेधावी खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक चयन स्थल पर स्वास्थ्य विभाग प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा जबकि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पेयजल एवं साफ-सफाई की व्यवस्था संबंधित विभाग करेंगे। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा सुरक्षा एवं अन्य सहयोगी कार्यों के लिए पीआरडी स्वयंसेवकों तथा क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उनकी खेल प्रतिभा निखारने के लिए जिला क्रीड़ा कार्यालय समय-समय पर तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ परामर्श भी निशुल्क उपलब्ध कराएगा। बैठक के अंत में जिला क्रीड़ा अधिकारी ने सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए गत वर्ष की भांति सहयोग की अपेक्षा की तथा चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने का आग्रह किया। बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी मुख्य शिक्षा अधिकारी जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी व्यायाम प्रशिक्षक जिला खेल समन्वयक तथा सभी विकासखंड खेल समन्वयक उपस्थित रहे।