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प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार की प्रभावी रणनीति और पुलिस टीमों की लगातार चार दिनों तक चली कड़ी मेहनत का बड़ा परिणाम सामने आया है। कोटद्वार पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरोह बंद पड़े मकानों की रेकी कर लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी करता था तथा वारदात के लिए चोरी की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की नकदी दो चोरी की अपाचे मोटरसाइकिलें और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है। गिरोह का एक मुख्य सदस्य अभी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। मामला 2 जुलाई 2026 का है जब कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई कि जून माह में परिवार सहित पैतृक गांव जाने के दौरान उनके बंद मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर नगदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सर्वेश पंवार ने तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाई तथा प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गईं। एक टीम को घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरागरसी एवं पूछताछ का जिम्मा दिया गया जबकि दूसरी टीम को तकनीकी साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचने का कार्य सौंपा गया। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर दुर्गापुरी देवी मंदिर रोड नजीबाबाद रोड नजीबाबाद और हरिद्वार मार्ग तक लगे लगभग 120 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों सर्विलांस मुखबिर तंत्र और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह की पहचान कर 6 जुलाई को चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में मोहित निवासी गाजियाबाद कासिफ उर्फ नन्हे निवासी बरेली‌ आमिर निवासी बरेली तथा आसिफ उर्फ अमन निवासी बरेली शामिल हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कोटद्वार में बंद मकान को निशाना बनाकर चोरी की थी तथा चोरी किए गए आभूषण मात्र 15 हजार रुपये में बेच दिए थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की रकम में से 13,600 रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने 26 जून को उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र से एक अपाचे मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसी तरह देहरादून के प्रेमनगर और डोईवाला क्षेत्र से भी अपाचे मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें वारदात में इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने दोनों चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (DL 3CCC 1688) भी कब्जे में ली गई है। जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। पहले कार से किसी शहर में पहुंचकर वहां मोटरसाइकिल चोरी करते थे। इसके बाद चोरी की बाइक से कॉलोनियों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते और मौका मिलते ही ताले तोड़कर चोरी कर फरार हो जाते। पहचान छिपाने के लिए कई बार चोरी की मोटरसाइकिल को घटनास्थल के आसपास ही छोड़ देते थे जिससे पुलिस भ्रमित हो जाए। चोरी का माल तुरंत अपने दूसरे साथियों तक पहुंचाकर अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सदस्य मोहम्मद आरिफ निवासी दिल्ली अभी फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनके खिलाफ दिल्ली उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में चोरी लूट हत्या के प्रयास आर्म्स एक्ट गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके अन्य राज्यों में किए गए अपराधों का भी विवरण जुटा रही है। इस सराहनीय कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए टीम को 5 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। बरामदगी में 13,600 रुपये नकद देहरादून से चोरी की गई दो अपाचे मोटरसाइकिलें तथा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार शामिल है। इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम में कोतवाली कोटद्वार के उपनिरीक्षक वेद प्रकाश उपनिरीक्षक अभिनव शर्मा हेड कांस्टेबल गुरमीत कांस्टेबल आशीष बिष्ट कांस्टेबल चंद्रपाल होमगार्ड कुलदीप तथा एसओजी कोटद्वार प्रभारी उपनिरीक्षक रंजीत तोमर और हेड कांस्टेबल उत्तम सिंह शामिल रहे।

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