Spread the love

प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। नई टिहरी स्थित सी-ब्लॉक के टाइप-3 आवासीय परिसर में निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार के कार्य की धीमी प्रगति तथा 8 और 9 जुलाई की रात हुई लगातार भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एहतियातन तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही सुरक्षा दीवार का शेष निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने शुक्रवार सुबह स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तहसीलदार टिहरी की रिपोर्ट के अनुसार निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार के ठीक ऊपर स्थित आवास संख्या-4 टाइप-3 सी-ब्लॉक के आंगन एवं चौक का पुस्ता क्षतिग्रस्त पाया गया जहां तीन परिवार निवास कर रहे थे। उप जिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता ने बताया कि आगामी मानसून के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए आवास संख्या 4/1, 4/3 और 4/4 में रहने वाले परिवारों को तत्काल भवन खाली कराकर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। आवास संख्या 4/2 पहले से ही रिक्त था। प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने संवेदनशील भवन पर खतरे का चिन्ह अंकित कर दिया है तथा ढाल को तिरपाल और बालू के थैलों से सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग कर 24 घंटे निगरानी रखने तथा अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि सुरक्षा दीवार का शेष निर्माण कार्य अब लोक निर्माण विभाग नई टिहरी द्वारा स्वीकृत डिजाइन के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। निर्माण पर होने वाला व्यय संबंधित भू-स्वामी द्वारा वहन किया जाएगा। कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो इसके लिए विभाग को धनराशि प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थल पर हुए अवैज्ञानिक उत्खनन से जनजीवन एवं सुरक्षा को उत्पन्न खतरे के संबंध में पुलिस को स्वतंत्र जांच कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूर्ण होने और सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद ही प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी खनन अधिकारी रवि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp