प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही वर्षा और मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर यात्रा मार्ग के सभी संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सेक्टर अधिकारियों पुलिस आपदा प्रबंधन तथा प्रशासनिक टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक टीमें सोनप्रयाग गौरीकुंड से लेकर श्री केदारनाथ धाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार सक्रिय हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को मौसम की स्थिति संभावित जोखिमों तथा सुरक्षित यात्रा के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की जा रही है। इसी क्रम में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री केदारनाथ धाम स्थित संगम घाट क्षेत्र में मौजूद यात्रियों को तत्काल वहां से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। यह कार्रवाई संभावित भारी वर्षा एवं नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए पूरी तरह एहतियात के तौर पर की गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग के सभी संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस एसडीआरएफ एनडीआरएफ डीडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। साथ ही यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें अनावश्यक जोखिम न उठाएं तथा केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि यात्रियों एवं जनपदवासियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही वर्षा और मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर यात्रा मार्ग के सभी संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सेक्टर अधिकारियों पुलिस आपदा प्रबंधन तथा प्रशासनिक टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक टीमें सोनप्रयाग गौरीकुंड से लेकर श्री केदारनाथ धाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार सक्रिय हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को मौसम की स्थिति संभावित जोखिमों तथा सुरक्षित यात्रा के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की जा रही है। इसी क्रम में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री केदारनाथ धाम स्थित संगम घाट क्षेत्र में मौजूद यात्रियों को तत्काल वहां से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। यह कार्रवाई संभावित भारी वर्षा एवं नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए पूरी तरह एहतियात के तौर पर की गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग के सभी संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस एसडीआरएफ एनडीआरएफ डीडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। साथ ही यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें अनावश्यक जोखिम न उठाएं तथा केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि यात्रियों एवं जनपदवासियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।