प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के लिंगानुपात अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्याम विजय ने बताया कि जनपद में वर्तमान में आठ पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं जिनमें छह शासकीय एवं दो निजी केंद्र शामिल हैं। सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों में एक्टिव ट्रैकर स्थापित कर उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच जनपद में कुल 2,177 अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि स्मृति नर्सिंग होम घनसाली का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। वहीं उत्तराखंड अल्ट्रासाउंड घनसाली के दो बार किए गए निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने तथा संचालक रविंद्र बिष्ट के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। जनपद के लिंगानुपात की समीक्षा के दौरान प्रतापनगर थौलधार एवं भिलंगना विकासखंडों में अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण प्रभावी निगरानी तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पीसीपीएनडीटी मुखबिर योजना की भी समीक्षा की गई। जिला समन्वयक (पीसीपीएनडीटी) तनुजा रावत ने बताया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनपद में विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं तथा आमजन को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा शासन की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल एसीएमओ डॉ.चंदन कुमार डीजीसी स्वराज सिंह पंवार समिति सदस्य सुशील कुमार बहुगुणा मनोज नकोटी जगदीश बडोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के लिंगानुपात अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्याम विजय ने बताया कि जनपद में वर्तमान में आठ पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं जिनमें छह शासकीय एवं दो निजी केंद्र शामिल हैं। सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों में एक्टिव ट्रैकर स्थापित कर उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच जनपद में कुल 2,177 अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि स्मृति नर्सिंग होम घनसाली का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। वहीं उत्तराखंड अल्ट्रासाउंड घनसाली के दो बार किए गए निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने तथा संचालक रविंद्र बिष्ट के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। जनपद के लिंगानुपात की समीक्षा के दौरान प्रतापनगर थौलधार एवं भिलंगना विकासखंडों में अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण प्रभावी निगरानी तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पीसीपीएनडीटी मुखबिर योजना की भी समीक्षा की गई। जिला समन्वयक (पीसीपीएनडीटी) तनुजा रावत ने बताया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनपद में विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं तथा आमजन को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा शासन की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल एसीएमओ डॉ.चंदन कुमार डीजीसी स्वराज सिंह पंवार समिति सदस्य सुशील कुमार बहुगुणा मनोज नकोटी जगदीश बडोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।