प्रदीप कुमार
हरिद्वार/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) ने सहकारिता के क्षेत्र में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए पेयजल उद्योग में कदम बढ़ा दिया है। संघ द्वारा हरिद्वार के जमालापुर में स्थापित किए जा रहे आधुनिक मिनरल ड्रिंकिंग वाटर प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बुधवार को प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला के निर्देश पर संघ के वरिष्ठ प्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने निर्माणाधीन संयंत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों मशीनरी स्थापना तथा उत्पादन संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान संबंधित कार्यदायी संस्था एवं तकनीकी अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के उपरांत वरिष्ठ प्रबंधक ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंप दी। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ द्वारा तैयार किया जा रहा 'हिमाला जल' ब्रांड आगामी 15 अगस्त से बाजार में उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह ब्रांड देवभूमि उत्तराखंड की शुद्धता, गुणवत्ता और सहकारिता की पहचान के रूप में स्थापित होगा तथा प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने कहा कि सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लगातार नए व्यावसायिक क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि 'हिमाला जल' परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य केवल उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि सहकारिता के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देना भी है। उन्होंने बताया कि संघ का लक्ष्य अपने वार्षिक कारोबार को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से पेयजल कृषि आधारित उत्पादों खाद्य प्रसंस्करण तथा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में योजनाबद्ध विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'हिमाला जल' इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। आनंद शुक्ला ने कहा कि हरिद्वार के जमालापुर में स्थापित यह अत्याधुनिक वाटर बॉटल प्लांट स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उत्पादन पैकेजिंग गुणवत्ता परीक्षण परिवहन विपणन और वितरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हिमालयी अंचल के निर्मल एवं शुद्ध जल को 'हिमाला जल' ब्रांड के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि का जल केवल प्राकृतिक संपदा ही नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों के विश्वास का भी प्रतीक है। वरिष्ठ प्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता सुरक्षा मानकों उत्पादन व्यवस्था तथा मशीनरी स्थापना की प्रगति का गहन परीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए ताकि 15 अगस्त तक संयंत्र का विधिवत शुभारंभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि 'हिमाला जल' केवल एक पेयजल ब्रांड नहीं बल्कि उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ की गुणवत्ता विश्वास नवाचार और सहकारिता आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक होगा जो आने वाले समय में प्रदेश के औद्योगिक विकास रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को नई मजबूती प्रदान करेगा।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) ने सहकारिता के क्षेत्र में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करते हुए पेयजल उद्योग में कदम बढ़ा दिया है। संघ द्वारा हरिद्वार के जमालापुर में स्थापित किए जा रहे आधुनिक मिनरल ड्रिंकिंग वाटर प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बुधवार को प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला के निर्देश पर संघ के वरिष्ठ प्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने निर्माणाधीन संयंत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों मशीनरी स्थापना तथा उत्पादन संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान संबंधित कार्यदायी संस्था एवं तकनीकी अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के उपरांत वरिष्ठ प्रबंधक ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंप दी। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ द्वारा तैयार किया जा रहा ‘हिमाला जल’ ब्रांड आगामी 15 अगस्त से बाजार में उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह ब्रांड देवभूमि उत्तराखंड की शुद्धता, गुणवत्ता और सहकारिता की पहचान के रूप में स्थापित होगा तथा प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने कहा कि सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लगातार नए व्यावसायिक क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हिमाला जल’ परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य केवल उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि सहकारिता के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देना भी है। उन्होंने बताया कि संघ का लक्ष्य अपने वार्षिक कारोबार को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से पेयजल कृषि आधारित उत्पादों खाद्य प्रसंस्करण तथा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में योजनाबद्ध विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘हिमाला जल’ इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। आनंद शुक्ला ने कहा कि हरिद्वार के जमालापुर में स्थापित यह अत्याधुनिक वाटर बॉटल प्लांट स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उत्पादन पैकेजिंग गुणवत्ता परीक्षण परिवहन विपणन और वितरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हिमालयी अंचल के निर्मल एवं शुद्ध जल को ‘हिमाला जल’ ब्रांड के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि का जल केवल प्राकृतिक संपदा ही नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों के विश्वास का भी प्रतीक है। वरिष्ठ प्रबंधक त्रिभुवन सिंह रावत ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता सुरक्षा मानकों उत्पादन व्यवस्था तथा मशीनरी स्थापना की प्रगति का गहन परीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए ताकि 15 अगस्त तक संयंत्र का विधिवत शुभारंभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि ‘हिमाला जल’ केवल एक पेयजल ब्रांड नहीं बल्कि उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ की गुणवत्ता विश्वास नवाचार और सहकारिता आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक होगा जो आने वाले समय में प्रदेश के औद्योगिक विकास रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को नई मजबूती प्रदान करेगा।