प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों सरकारी कार्यालयों एवं निजी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाने तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से फायर सर्विस की टीमों द्वारा नियमित रूप से फायर ऑडिट एवं जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अग्निशमन विभाग न केवल सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है बल्कि आमजन छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक भी बना रहा है। इसी क्रम में बुधवार को फायर टीम पौड़ी द्वारा माउंट कार्मल स्कूल पाबौं एवं सेंट जैम्स स्कूल पौड़ी जबकि फायर यूनिट श्रीनगर द्वारा गुरु राम राय पब्लिक स्कूल श्रीनगर में विस्तृत फायर ऑडिट एवं अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसरों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों फायर सेफ्टी उपकरणों विद्युत सुरक्षा व्यवस्था आपातकालीन निकास मार्गों तथा अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फायर टीम ने सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी आवश्यक कमियों को चिन्हित करते हुए विद्यालय प्रबंधन को उन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने उनकी समय-समय पर सर्विसिंग कराने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अभियान के दौरान विद्यालयों के शिक्षकों कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को अग्निकांड की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों सुरक्षित निकासी प्रक्रिया आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बनाए रखने तथा प्रारंभिक स्तर पर आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। फायर सर्विस टीम ने अग्निशमन यंत्रों के संचालन का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी किया जिससे छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ को आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने का प्रशिक्षण मिल सके। फायर अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यालयों सहित सभी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है। जनपद में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और विभिन्न संस्थानों में फायर ऑडिट के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों सरकारी कार्यालयों एवं निजी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाने तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से फायर सर्विस की टीमों द्वारा नियमित रूप से फायर ऑडिट एवं जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अग्निशमन विभाग न केवल सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है बल्कि आमजन छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक भी बना रहा है। इसी क्रम में बुधवार को फायर टीम पौड़ी द्वारा माउंट कार्मल स्कूल पाबौं एवं सेंट जैम्स स्कूल पौड़ी जबकि फायर यूनिट श्रीनगर द्वारा गुरु राम राय पब्लिक स्कूल श्रीनगर में विस्तृत फायर ऑडिट एवं अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसरों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों फायर सेफ्टी उपकरणों विद्युत सुरक्षा व्यवस्था आपातकालीन निकास मार्गों तथा अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फायर टीम ने सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी आवश्यक कमियों को चिन्हित करते हुए विद्यालय प्रबंधन को उन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने उनकी समय-समय पर सर्विसिंग कराने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। अभियान के दौरान विद्यालयों के शिक्षकों कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को अग्निकांड की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों सुरक्षित निकासी प्रक्रिया आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बनाए रखने तथा प्रारंभिक स्तर पर आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। फायर सर्विस टीम ने अग्निशमन यंत्रों के संचालन का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी किया जिससे छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ को आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने का प्रशिक्षण मिल सके। फायर अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यालयों सहित सभी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है। जनपद में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और विभिन्न संस्थानों में फायर ऑडिट के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।