प्रदीप कुमार
जखोली। लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत बजीरा में भूस्खलन वाले जोन में जलागम विभाग के सौजन्य से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर दो सौ से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधौं का रोपण किया गया। इस अवसर पर जलागम के यूनिट प्रभारी विजय शाह ने ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड का संदेश दिया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों एवं नागेन्द्र इंका बजीरा के छात्र छात्राओं के साथ पौधे लगाकर सभी से अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नागेन्द्र इंका बजीरा के प्रबंधक भगतसिंह पुण्डीर ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का प्रतीक है। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर सिंह राणा ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति सदैव प्रकृति के साथ सह—अस्तित्व का संदेश देती रही है और हरेला पर्व इसी परंपरा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं। स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण तथा संतुलित पर्यावरण के लिए वृक्षों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन,बढ़ते प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पौधारोपण को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर जन—आंदोलन का स्वरूप प्रदान करे। प्रधानाचार्य बजीरा बीरेंद्र सिंह राणा,प्रधान विजया देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य बजीरा वार्ड सरोजनी देवी,उप प्रधान पुष्पेन्द्र राणा ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का नियमित संरक्षण एवं संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने जीवन में कम—से—कम एक पौधा लगाने तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि यही प्रयास आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण प्रदान करने का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और हरित संस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ—साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का भी संदेश देता है। उन्होंने सभी स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। इस मौके पर जलागम की ओर से विभिन्न प्रजातियों के दो सौ पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में कोर्डिनेटर सतीश भट्ट, कार्यालय सहायक सरिता नेगी,अवर अभियंता पटवाल, सामाजिक कार्यकर्ता मालचंद रावत, बलवीर नेगी, राजेन्द्र चौहान,उम्मेद सिंह नेगी,अनिल नेगी,सतीश राणा, शंकर सिंह पुण्डीर, जसपाल चौहान महिला मंगल दल अध्यक्ष दीना देवी,उतम राणा, बीरेंद्र रावत, बलवीर रावत, दिलबरी लाल,अनिल शाह,मासांन्तु लाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
जखोली। लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत बजीरा में भूस्खलन वाले जोन में जलागम विभाग के सौजन्य से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर दो सौ से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधौं का रोपण किया गया। इस अवसर पर जलागम के यूनिट प्रभारी विजय शाह ने ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड का संदेश दिया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों एवं नागेन्द्र इंका बजीरा के छात्र छात्राओं के साथ पौधे लगाकर सभी से अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नागेन्द्र इंका बजीरा के प्रबंधक भगतसिंह पुण्डीर ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का प्रतीक है। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर सिंह राणा ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति सदैव प्रकृति के साथ सह—अस्तित्व का संदेश देती रही है और हरेला पर्व इसी परंपरा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं। स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण तथा संतुलित पर्यावरण के लिए वृक्षों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन,बढ़ते प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पौधारोपण को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर जन—आंदोलन का स्वरूप प्रदान करे। प्रधानाचार्य बजीरा बीरेंद्र सिंह राणा,प्रधान विजया देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य बजीरा वार्ड सरोजनी देवी,उप प्रधान पुष्पेन्द्र राणा ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का नियमित संरक्षण एवं संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने जीवन में कम—से—कम एक पौधा लगाने तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि यही प्रयास आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण प्रदान करने का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और हरित संस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ—साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का भी संदेश देता है। उन्होंने सभी स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। इस मौके पर जलागम की ओर से विभिन्न प्रजातियों के दो सौ पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में कोर्डिनेटर सतीश भट्ट, कार्यालय सहायक सरिता नेगी,अवर अभियंता पटवाल, सामाजिक कार्यकर्ता मालचंद रावत, बलवीर नेगी, राजेन्द्र चौहान,उम्मेद सिंह नेगी,अनिल नेगी,सतीश राणा, शंकर सिंह पुण्डीर, जसपाल चौहान महिला मंगल दल अध्यक्ष दीना देवी,उतम राणा, बीरेंद्र रावत, बलवीर रावत, दिलबरी लाल,अनिल शाह,मासांन्तु लाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।