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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला के पावन अवसर पर जनपद हरिद्वार में वन विभाग की ओर से नगर वन देवपुर में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक परिवार से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। हरित हरिद्वार अभियान के तहत जनपद में हरेला पर्व पर 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था कृतज्ञता और संरक्षण के संकल्प का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में वृक्ष नदियां पर्वत और वन सदैव पूजनीय रहे हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव जीवन भी सुरक्षित स्वस्थ और समृद्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन बढ़ता प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में हरेला जैसे जन-जागरूकता अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा हिमालय घने वन पवित्र नदियां और समृद्ध जैव विविधता राज्य की पहचान होने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय लोगों की आजीविका का भी प्रमुख आधार हैं। वन संरक्षण और पर्यटन विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से देश-विदेश के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छ हरित और सुंदर वातावरण का अनुभव करना चाहता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सतपाल महाराज ने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रत्येक परिवार प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण एवं संवर्धन का भी संकल्प ले। साथ ही जल स्रोतों के संरक्षण हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने में सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा केवल एक वृक्ष नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य स्वच्छ वायु शुद्ध जल और समृद्ध पर्यावरण का आधार है। समाज और सरकार के सामूहिक प्रयासों से ही हरित स्वच्छ और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवीन्द्र पुरी महाराज ने हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति में ऋषि-मुनियों के आश्रमों तथा मठ-मंदिरों में सदैव प्रकृति का संरक्षण किया गया है। उन्होंने वन विभाग के पौधारोपण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सभी लोग प्रतिदिन पौधा लगाएं और यदि प्रतिदिन संभव न हो तो कम से कम प्रत्येक माह एक पौधा अवश्य लगाएं। उन्होंने पीपल वट और नीम जैसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों के रोपण और संरक्षण पर विशेष जोर दिया। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वन विभाग की एसडीओ पूनम कैंथोला ने किया। इस अवसर पर मेयर किरण जैसल भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि डॉ.जयपाल सिंह चौहान भाजपा नेता लव शर्मा आशु चौधरी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अपर मुख्य वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा सहित जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय नागरिक विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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