प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के नेतृत्व में पुलिस लाइन चंबा परिसर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रजातियों के 200 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण जैव विविधता के संवर्धन तथा हरित उत्तराखंड के निर्माण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही जनपद के सभी थाना परिसरों में भी व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने स्वयं पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था जिम्मेदारी और संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का आह्वान किया ताकि यह अभियान हरित भविष्य की दिशा में एक स्थायी पहल बन सके। इस अवसर पर एसएसपी ने पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी रिक्रूट आरक्षियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उनके द्वारा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी वे स्वयं निभाएं जिससे प्रत्येक पौधा सुरक्षित रहकर एक सुदृढ़ वृक्ष के रूप में विकसित हो सके। वृक्षारोपण अभियान में पुलिस लाइन के अधिकारियों कर्मचारियों और प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान छायादार फलदार तथा स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। पुलिस लाइन चंबा के साथ-साथ जनपद के सभी थाना परिसरों में भी हरेला पर्व के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हरित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। टिहरी पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की कि हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधारोपण करें लगाए गए पौधों का संरक्षण करें तथा पर्यावरण संरक्षण के इस जन अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि “हर गांव का यही पैगाम एक पेड़ मां के नाम” केवल एक नारा नहीं बल्कि प्रकृति के संरक्षण का सामूहिक संकल्प है।
