प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरेला पर्व के अवसर पर हरिद्वार पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनपदभर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के निर्देशन में पुलिस लाइन रोशनाबाद पुलिस कार्यालय सहित जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों और शाखाओं में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। अभियान की शुरुआत पुलिस लाइन रोशनाबाद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने वृक्षारोपण कर की। पुलिस लाइन रोशनाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों तथा प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट कांस्टेबलों ने करीब 500 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए। इनमें जामुन आंवला अमरूद आम लीची सहित शीशम जैसे पौधे शामिल रहे। वृक्षारोपण के माध्यम से आमजन को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति से जुड़ने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान सीओ लाइन एवं प्रतिसार निरीक्षक प्रवीण आलोक ने पुलिस कर्मियों और प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट कांस्टेबलों को हरेला पर्व के सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके विकसित होने तक उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी को लगाए गए पौधों की सुरक्षा का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों का भी निरीक्षण किया और उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। पौधों को सुरक्षित एवं विकसित होता देखकर संतोष व्यक्त किया गया तथा उनके संरक्षण की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह वृक्षारोपण अभियान केवल हरेला पर्व तक सीमित नहीं रहेगा। एसएसपी नवनीत सिंह ने पूरे श्रावण मास के दौरान अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपदभर में कम से कम 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि हरिद्वार को अधिक हराभरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। हरिद्वार पुलिस का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज को प्रकृति के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरेला पर्व के अवसर पर हरिद्वार पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनपदभर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के निर्देशन में पुलिस लाइन रोशनाबाद पुलिस कार्यालय सहित जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों और शाखाओं में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। अभियान की शुरुआत पुलिस लाइन रोशनाबाद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने वृक्षारोपण कर की। पुलिस लाइन रोशनाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों तथा प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट कांस्टेबलों ने करीब 500 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए। इनमें जामुन आंवला अमरूद आम लीची सहित शीशम जैसे पौधे शामिल रहे। वृक्षारोपण के माध्यम से आमजन को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति से जुड़ने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान सीओ लाइन एवं प्रतिसार निरीक्षक प्रवीण आलोक ने पुलिस कर्मियों और प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट कांस्टेबलों को हरेला पर्व के सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके विकसित होने तक उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी को लगाए गए पौधों की सुरक्षा का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों का भी निरीक्षण किया और उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। पौधों को सुरक्षित एवं विकसित होता देखकर संतोष व्यक्त किया गया तथा उनके संरक्षण की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह वृक्षारोपण अभियान केवल हरेला पर्व तक सीमित नहीं रहेगा। एसएसपी नवनीत सिंह ने पूरे श्रावण मास के दौरान अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपदभर में कम से कम 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि हरिद्वार को अधिक हराभरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। हरिद्वार पुलिस का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज को प्रकृति के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।