प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) नई टिहरी के तत्वावधान में छह दिवसीय वित्तीय समावेशन (एफएल-सीआरपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 14 जुलाई से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा गांव-गांव तक वित्तीय साक्षरता का विस्तार करना है। आरसेटी के निदेशक दीपक कोठियाल ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की 32 महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें स्मार्ट बचत परिपक्व ऋण प्रबंधन बुद्धिमत्तापूर्ण व्यय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बीमा निवेश तथा अन्य वित्तीय सेवाओं से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है ताकि महिलाएं वित्तीय निर्णय लेने में अधिक सक्षम बन सकें। आरसेटी निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षित वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (एफएल-सीआरपी) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को वित्तीय साक्षरता संबंधी जानकारी प्रदान करेंगे। इससे स्वयं सहायता समूहों की कार्यक्षमता और वित्तीय प्रबंधन मजबूत होगा तथा ग्राम स्तर पर वित्तीय जागरूकता का व्यापक प्रसार हो सकेगा। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मो.असलम ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता करते हुए प्राप्त ज्ञान का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। वहीं आरसेटी के निदेशक दीपक कोठियाल ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे यहां प्राप्त अनुभव और जानकारी को अपने गांवों तक पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाएं। कार्यक्रम में ग्रामीण वित्त समन्वयक चन्द्रप्रकाश डंगवाल आरसेटी संकाय संजीव नेगी राधा सहित संस्थान के अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं स्वयं सहायता समूहों की प्रतिभागी महिलाएं उपस्थित रहीं।
Spread the love
प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) नई टिहरी के तत्वावधान में छह दिवसीय वित्तीय समावेशन (एफएल-सीआरपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 14 जुलाई से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा गांव-गांव तक वित्तीय साक्षरता का विस्तार करना है। आरसेटी के निदेशक दीपक कोठियाल ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की 32 महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें स्मार्ट बचत परिपक्व ऋण प्रबंधन बुद्धिमत्तापूर्ण व्यय सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बीमा निवेश तथा अन्य वित्तीय सेवाओं से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है ताकि महिलाएं वित्तीय निर्णय लेने में अधिक सक्षम बन सकें। आरसेटी निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षित वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (एफएल-सीआरपी) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को वित्तीय साक्षरता संबंधी जानकारी प्रदान करेंगे। इससे स्वयं सहायता समूहों की कार्यक्षमता और वित्तीय प्रबंधन मजबूत होगा तथा ग्राम स्तर पर वित्तीय जागरूकता का व्यापक प्रसार हो सकेगा। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मो.असलम ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता करते हुए प्राप्त ज्ञान का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। वहीं आरसेटी के निदेशक दीपक कोठियाल ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे यहां प्राप्त अनुभव और जानकारी को अपने गांवों तक पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाएं। कार्यक्रम में ग्रामीण वित्त समन्वयक चन्द्रप्रकाश डंगवाल आरसेटी संकाय संजीव नेगी राधा सहित संस्थान के अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं स्वयं सहायता समूहों की प्रतिभागी महिलाएं उपस्थित रहीं।