प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को कोटद्वार स्थित एक निजी वेडिंग प्वाइंट में वीर सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि तथा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीर माताओं को सम्मानित कर उनके त्याग समर्पण और राष्ट्रसेवा को नमन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल द्वारा लिखित पुस्तक “कण्वाश्रम (भरत से भारतवर्ष)” का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्षा ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों पूर्व सैनिकों वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों का सम्मान करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक की बेटी होने के नाते वह सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग समर्पण और संघर्ष को भली-भांति समझती हैं। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए देश के वीर जवानों द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों का शौर्य साहस तथा राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों वीरांगनाओं और उनके परिवारों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जब भी उन्हें सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच आने का अवसर मिलता है तब वह स्वयं को मंत्री नहीं बल्कि उनके परिवार का सदस्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में सैन्य पृष्ठभूमि का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के डीएनए में देशभक्ति बसती है और देवभूमि ने देश को सर्वाधिक वीर सैनिक दिए हैं। राज्य का लगभग 17.5 प्रतिशत सैन्य योगदान इसकी गौरवशाली सैन्य परंपरा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इनमें वन रैंक-वन पेंशन नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण रक्षा बजट में वृद्धि तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विस्तार प्रमुख हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भी शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि वीरता पुरस्कारों की सम्मान राशि बढ़ाने शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने आवेदन की अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान एवं कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक अवसर नहीं बल्कि देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस शौर्य और बलिदान को नमन करने का दिन है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने सदैव राष्ट्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं से सैनिकों के अनुशासन समर्पण और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र प्रसाद अणथ्वाल मेयर शैलेंद्र सिंह रावत भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जयवीर सिंह नेगी बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक वीर नारियां वीर माताएं तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस शौर्य और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
