प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिरला परिसर स्थित नियंता मंडल कार्यालय में गुरुवार को मुख्य नियंता की अध्यक्षता में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के शुभारंभ को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नए शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रभावी अनुशासन व्यवस्था परिसर में शांति एवं सुरक्षा रैगिंग निषेध के प्रभावी क्रियान्वयन छात्र-छात्राओं की सुरक्षा तथा प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन सुरक्षा पारदर्शिता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य बिरला एवं चौरास परिसर में नियमित भ्रमण करेंगे। इसके तहत शैक्षणिक भवनों पुस्तकालय छात्रावासों प्रवेश द्वारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर अनुशासन व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को सुरक्षित सुव्यवस्थित और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी बोर्ड के सदस्य विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से मौजूद रहेंगे। बैठक में विश्वविद्यालय की आचार संहिता नियमों और विनियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया गया। रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रैगिंग निषेध संबंधी सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर छात्रावासों और अन्य संवेदनशील स्थानों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा। नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए अनुशासन रैगिंग निषेध लैंगिक संवेदनशीलता नैतिक आचरण और विश्वविद्यालय की आचार संहिता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही परिसर में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता उत्पीड़न अथवा अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रकोष्ठ छात्रावास अधीक्षकों विभागाध्यक्षों प्रवेश प्रकोष्ठ और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। परिसर में स्थापित सीसीटीवी प्रणाली और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा अनुशासन संबंधी सभी मामलों का विधिवत अभिलेखीकरण करने प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक सांस्कृतिक खेलकूद एवं परीक्षा संबंधी गतिविधियों के दौरान विशेष निगरानी रखने तथा समय-समय पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में सभी छात्र-छात्राओं के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया। बैठक के अंत में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने विश्वविद्यालय की गरिमा और अनुशासन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सदस्यों से अपने दायित्वों का निष्पक्ष एवं उत्तरदायित्वपूर्ण ढंग से निर्वहन करने का आह्वान किया तथा सहयोग और सुझावों के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। बैठक में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार उप मुख्य नियंता प्रोफेसर ममता आर्या डॉ.डी.के.राणा डॉ.मनीषा निगम डॉ.आलोक सागर गौतम डॉ.कमाल अहमद डॉ.ओम प्रकाश डॉ. नितेश बौठियाल डॉ.पुनीत वालिया डॉ.दिनेश चौधरी डॉ.रुकमणी डॉ.गांधी चौहान डॉ.ऋतु मिश्रा तथा डॉ.धीरज शर्मा सहित नियंता मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बिरला परिसर स्थित नियंता मंडल कार्यालय में गुरुवार को मुख्य नियंता की अध्यक्षता में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के शुभारंभ को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नए शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रभावी अनुशासन व्यवस्था परिसर में शांति एवं सुरक्षा रैगिंग निषेध के प्रभावी क्रियान्वयन छात्र-छात्राओं की सुरक्षा तथा प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन सुरक्षा पारदर्शिता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य बिरला एवं चौरास परिसर में नियमित भ्रमण करेंगे। इसके तहत शैक्षणिक भवनों पुस्तकालय छात्रावासों प्रवेश द्वारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर अनुशासन व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को सुरक्षित सुव्यवस्थित और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी बोर्ड के सदस्य विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से मौजूद रहेंगे। बैठक में विश्वविद्यालय की आचार संहिता नियमों और विनियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया गया। रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रैगिंग निषेध संबंधी सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर छात्रावासों और अन्य संवेदनशील स्थानों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा। नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए अनुशासन रैगिंग निषेध लैंगिक संवेदनशीलता नैतिक आचरण और विश्वविद्यालय की आचार संहिता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही परिसर में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता उत्पीड़न अथवा अन्य अवांछनीय गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रकोष्ठ छात्रावास अधीक्षकों विभागाध्यक्षों प्रवेश प्रकोष्ठ और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। परिसर में स्थापित सीसीटीवी प्रणाली और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा अनुशासन संबंधी सभी मामलों का विधिवत अभिलेखीकरण करने प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक सांस्कृतिक खेलकूद एवं परीक्षा संबंधी गतिविधियों के दौरान विशेष निगरानी रखने तथा समय-समय पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में सभी छात्र-छात्राओं के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया। बैठक के अंत में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार ने विश्वविद्यालय की गरिमा और अनुशासन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सदस्यों से अपने दायित्वों का निष्पक्ष एवं उत्तरदायित्वपूर्ण ढंग से निर्वहन करने का आह्वान किया तथा सहयोग और सुझावों के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। बैठक में मुख्य नियंता प्रोफेसर दीपक कुमार उप मुख्य नियंता प्रोफेसर ममता आर्या डॉ.डी.के.राणा डॉ.मनीषा निगम डॉ.आलोक सागर गौतम डॉ.कमाल अहमद डॉ.ओम प्रकाश डॉ. नितेश बौठियाल डॉ.पुनीत वालिया डॉ.दिनेश चौधरी डॉ.रुकमणी डॉ.गांधी चौहान डॉ.ऋतु मिश्रा तथा डॉ.धीरज शर्मा सहित नियंता मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।