प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने गुरुवार देर शाम बौराड़ी स्थित एसओएस बाल संरक्षण गृह एवं दत्तक ग्रहण केंद्र का त्रैमासिक निरीक्षण कर वहां बच्चों के संरक्षण, देखभाल शिक्षा स्वास्थ्य और पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संस्थान की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया गया। निरीक्षण के दौरान दत्तक ग्रहण केंद्र में एक नवजात शिशु तथा एसओएस बाल संरक्षण गृह में ग्रुप फोस्टर केयर के अंतर्गत 39 बालक और बालिकाएं निवासरत मिले। अधिकारियों ने पाया कि सभी बच्चों को शिक्षा स्वास्थ्य पोषण देखभाल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा सभी बच्चे नियमित रूप से विद्यालय में अध्ययन कर रहे हैं। निरीक्षण दल ने बच्चों के लिए सुरक्षित स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। दल ने यह भी पाया कि बच्चों के शारीरिक मानसिक भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं तथा उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए संरक्षण शिक्षा और पुनर्वास से संबंधित सभी सेवाओं का गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थान को आवश्यक सुझाव भी दिए और बच्चों के हित में इसी प्रकार संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करते रहने को कहा। निरीक्षण दल में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.बृजेश डोभाल मनोचिकित्सक डॉ.रीना सिंह जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल शिक्षा विभाग से सुरेश प्रसाद उनियाल किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य अमीता रावत तथा पूर्व किशोर न्याय बोर्ड सदस्य प्रेम सिंह बनगाई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
