प्रदीप कुमार
नई दिल्ली/श्रीनगर गढ़वाल। देश के पत्रकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा करने और भारतीय पत्रकारिता की भावी दिशा तय करने के उद्देश्य से वॉइस ऑफ मीडिया और वीओएम इंटरनेशनल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में 27 और 28 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विश्व युवक केंद्र में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय महासम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ पत्रकार विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष पदाधिकारी और मीडिया जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी। दो दिवसीय अधिवेशन प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकार संगठन के प्रतिनिधि पत्रकारिता से जुड़े समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे और पत्रकारों के हितों को लेकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे। अधिवेशन के दौरान पत्रकार सुरक्षा पत्रकारिता के सामने उभरती नई चुनौतियां डिजिटल मीडिया की बढ़ती भूमिका पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कौशल विकास प्रेस की स्वतंत्रता मीडिया की विश्वसनीयता तथा पत्रकार कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रों में वरिष्ठ एवं अनुभवी पत्रकार प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही विभिन्न राज्यों में पत्रकार हितों के लिए किए गए सफल प्रयासों और अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। राष्ट्रीय अधिवेशन में पत्रकारों के हितों से जुड़े 30 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इन प्रस्तावों को भारत सरकार को सौंपा जाएगा ताकि पत्रकारों की समस्याओं मांगों और अपेक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जा सके। आयोजकों के अनुसार पत्रकारों के अधिकारों सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर यह अधिवेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वॉइस ऑफ मीडिया और वीओएम इंटरनेशनल फोरम के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के ने देशभर से आमंत्रित प्रतिनिधियों पत्रकारों और पदाधिकारियों से राष्ट्रीय अधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय महासम्मेलन पत्रकारों की एकजुटता को और मजबूत करेगा तथा भारतीय पत्रकारिता को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
