प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर जनपद में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा मेडिकल स्टोरों पर औषधि नियमों के प्रभावी अनुपालन की जांच के लिए औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने शुक्रवार को कर्णप्रयाग स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवा लाइसेंस पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति सीसीटीवी व्यवस्था दवाओं की गुणवत्ता और अभिलेखों की गहन जांच की गई। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण और नकली दवाओं की रोकथाम के लिए दवाओं के नमूने भी एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोरों पर औषधि लाइसेंस की वैधता का सत्यापन किया गया। यह भी देखा गया कि औषधियों का क्रय-विक्रय पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में किया जा रहा है या नहीं। इसके साथ ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा उसके अंतर्गत निर्धारित नियमों के पालन की विस्तार से जांच की गई। औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोरों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और उनकी रिकॉर्डिंग व्यवस्था का भी सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित एवं पृथक रखरखाव मनःप्रभावी औषधियों के भंडारण उनके क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों तथा बिलों की भी गहन जांच की गई ताकि दवाओं के वितरण और बिक्री में किसी प्रकार की अनियमितता न रहे। निरीक्षण अभियान के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों से औषधियों के तीन नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए एकत्र किए गए। इसके अलावा नकली और संदिग्ध दवाओं की रोकथाम के उद्देश्य से तीन अन्य औषधियों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए कि नार्कोटिक औषधियों का वितरण केवल अधिकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के आधार पर ही किया जाए। उन्होंने सभी संचालकों से औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के अंतर्गत लाइसेंस की सभी शर्तों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा तथा चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
