प्रदीप कुमार
कोटद्वार/पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सशक्तिकरण तथा अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कोटद्वार द्वारा अमर उजाला एवं उसकी टीम के सहयोग से स्कॉलर पब्लिक स्कूल कोटद्वार में ‘अपराजिता’ कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं के लिए जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर सुरक्षा महिला सुरक्षा मानव तस्करी सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) कोटद्वार अस्मिता ममगाई ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से छात्राओं को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट फर्जी लिंक एपीके फाइल केबीसी और लॉटरी के नाम पर होने वाली ठगी ओएलएक्स फ्रॉड रिश्तेदार बनकर किए जाने वाले फर्जी कॉल व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक तथा गेमिंग ऐप्स के माध्यम से होने वाली साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह देते हुए बताया कि बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से संबंधित वीडियो या अन्य आपत्तिजनक सामग्री को डाउनलोड करना देखना संग्रहित करना अथवा साझा करना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देना आवश्यक है। इस अवसर पर पुलिस टीम ने छात्राओं को गुड टच-बैड टच पॉक्सो अधिनियम महिला एवं बालिका सुरक्षा सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव कानूनी अधिकारों मानव तस्करी तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया। साथ ही राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 साइबर हेल्पलाइन 1930 आपातकालीन सेवा 112 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए छात्राओं को किसी भी प्रकार के शोषण उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना किसी भय के तत्काल सहायता लेने और पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
