प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। उच्चतम न्यायालय के आदेशों तथा उच्चतम न्यायालय सशक्त निगरानी समिति के निर्देशों के अनुपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद स्तर पर प्रमुख निष्पादन संकेतकों (केपीआई) की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत केपीआई प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र को जनपद स्तर पर केपीआई की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि सभी संबंधित विभागों नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों से आवश्यक सूचनाएं प्राप्त कर उनका सत्यापन कराया जाए तथा स्वच्छतम पोर्टल पर केपीआई की शत-प्रतिशत प्रविष्टि और समयबद्ध प्रतिवेदन सुनिश्चित किया जाए ताकि जनपद की समेकित रिपोर्ट निर्धारित समय पर राज्य स्तर को भेजी जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय सशक्त निगरानी समिति की कार्ययोजना के अनुसार 10 जुलाई 2026 से विभिन्न चरणों में नामांकन प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत 16 और 17 जुलाई को स्वच्छतम पोर्टल का प्रशिक्षण आयोजित किया गया जबकि 18 से 20 जुलाई तक राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों ने जनपदों एवं नगर निकायों के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 21 से 27 जुलाई 2026 तक स्थानीय निकायों एवं जिला स्तर पर स्वच्छतम पोर्टल पर प्रमुख निष्पादन संकेतकों की प्रविष्टि एवं प्रतिवेदन का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद 28 से 30 जुलाई तक राज्य स्तर पर रिपोर्टों का सत्यापन एवं समेकन किया जाएगा तथा 31 जुलाई 2026 को जुलाई माह की समेकित रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय सशक्त निगरानी समिति को भेजी जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागों नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन कर स्वच्छतम पोर्टल पर केपीआई की शत-प्रतिशत प्रविष्टि एवं समयबद्ध प्रतिवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभागीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रविष्टियों को तत्काल पूरा कराएं ताकि जनपद की समेकित रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर राज्य स्तर पर भेजी जा सके। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि यह विषय उच्चतम न्यायालय के आदेशों से संबंधित होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण एवं शीर्ष प्राथमिकता का है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर उसकी अनुपालन आख्या भी तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
