प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम विकास भवन सभागार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित जिला सेक्टर राज्य सेक्टर केंद्र पोषित तथा बाह्य सहायतित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन लाभार्थियों की संख्या वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने गौ पालन योजना बकरी पालन योजना भेड़ पालन योजना महिला बकरी पालन योजना गोट वैली योजना ब्रायलर फार्म स्थापना योजना बैकयार्ड कुक्कुट पालन इकाई योजना निःशुल्क चारा बीज वितरण योजना ग्राम्य गौ सेवक योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। साथ ही प्रत्येक योजना के अंतर्गत लाभान्वित किसानों की संख्या व्यय की स्थिति और योजनाओं के प्रभाव की जानकारी भी दी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित प्रदर्शनियों और जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय किसानों जनप्रतिनिधियों तथा पशुपालकों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक पात्र लोग इनका लाभ प्राप्त कर सकें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों और पशुपालकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी किसी योजना से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ही लाभार्थी को एक ही प्रकार की योजना का दोहरा लाभ नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए सभी योजनाओं से लाभान्वित व्यक्तियों की ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए जिससे योजनाओं की प्रभावी निगरानी की जा सके। बैठक में डेयरी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। गंगा गाय महिला डेयरी योजना के अंतर्गत इकाई स्थापना वित्तीय प्रगति एवं लाभार्थियों की स्थिति का आकलन किया गया। इसके अलावा दुग्ध समितियों की कार्यप्रणाली दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना बछिया पालन योजना तथा अन्य डेयरी विकास कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की उत्कृष्ट दुग्ध समितियों प्रगतिशील डेयरी किसानों और महिला दुग्ध उत्पादकों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अन्य किसान एवं महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाजार में मिलावटी डेयरी उत्पादों पर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हो सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत वरिष्ठ प्रबंधक दुग्ध सरवन शर्मा सहायक निदेशक दुग्ध भूपेंद्र बिष्ट जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.राजीव गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
