प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में किशोरियों एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उनकी समस्याओं के संवेदनशील और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अभिनव पहल "प्रोजेक्ट स्नेह" का शनिवार को विकासखंड सभागार अगस्त्यमुनि से भव्य शुभारंभ किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट स्नेह (सेफ्टी नर्चरिंग एम्पावर हेल्प) विषय पर एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न सरकारी अशासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों शिक्षकों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित करना उनकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझना तथा उन्हें उचित परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करना रहा। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रभावी काउंसलिंग किशोरावस्था की चुनौतियों मनोवैज्ञानिक व्यवहार गोपनीयता बनाए रखने बाल संरक्षण तथा संवाद कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि अनेक बार किशोरियां अपनी व्यक्तिगत सामाजिक अथवा पारिवारिक समस्याओं को संकोच भय या विश्वास की कमी के कारण अपने परिजनों अथवा शिक्षकों से साझा नहीं कर पाती हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट स्नेह उन्हें एक सुरक्षित विश्वासपूर्ण और सकारात्मक मंच उपलब्ध कराएगा जहां वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकेंगी और विशेषज्ञों से आवश्यक मार्गदर्शन तथा काउंसलिंग प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं होगी बल्कि बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास आत्मनिर्भरता और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को करियर मार्गदर्शन व्यक्तित्व विकास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन स्वास्थ्य एवं पोषण मानसिक स्वास्थ्य कानूनी अधिकार महिला एवं बाल अधिकार बाल विवाह निषेध साइबर सुरक्षा गुड टच-बैड टच लैंगिक संवेदनशीलता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों से बचाव सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा मानसिक स्वास्थ्य भावनात्मक संतुलन आत्मविश्वास निर्माण तथा बालिकाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि विद्यालय स्तर पर बालिकाओं के साथ विश्वास का वातावरण तैयार करना इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी। अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा बहु-विभागीय टीम का गठन किया जाएगा। इसमें जिला प्रशासन पुलिस विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य विभाग बाल कल्याण समिति तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे। यह टीम जनपद के सभी विद्यालयों एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में जाकर बालिकाओं से संवाद स्थापित करेगी उनकी समस्याओं को गोपनीयता के साथ सुनेगी तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के समन्वय से समाधान सुनिश्चित करेगी। प्रोजेक्ट स्नेह का संचालन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में विद्यालयों और स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में जाकर बालिकाओं से संवाद और काउंसलिंग की जाएगी। दूसरे चरण में प्राप्त समस्याओं का विश्लेषण कर उनके मूल कारणों की पहचान करते हुए समाधान की रणनीति तैयार की जाएगी। तीसरे चरण में अभियान का विस्तार ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर तक किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किशोरियों और बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि प्रोजेक्ट स्नेह केवल एक जागरूकता अभियान नहीं बल्कि बालिकाओं के विश्वास सुरक्षा आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन का एक संवेदनशील प्रयास है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि जनपद की कोई भी बालिका स्वयं को अकेला असुरक्षित या असहाय महसूस न करे तथा प्रत्येक बालिका को अपनी बात कहने सुने जाने और समय पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिले। उन्होंने सभी विभागों शिक्षकों एवं अभिभावकों से इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने और बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा शुरू किए गए 'एक पुस्तक दान करें ज्ञान का वृक्ष लगाएं' अभियान को भी कार्यशाला में उपस्थित प्रधानाचार्यों का उत्साहपूर्ण सहयोग मिला। उन्होंने अभियान के समर्थन में 140 पुस्तकें भेंट कीं। इस पहल की सराहना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कर चुके हैं और उन्होंने स्वयं 150 पुस्तकें दान कर अभियान को प्रोत्साहित किया है। अब तक अभियान के तहत लगभग 500 पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं तथा निर्धारित एक हजार पुस्तकों का लक्ष्य शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है जिससे जनपद के पुस्तकालय को समृद्ध एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकों से सशक्त बनाया जा सकेगा। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर एसीएमओ डॉ.सीमा टेकचंदानी जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अखिलेश मिश्रा मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रभारी रंजना गैरोला भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में किशोरियों एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उनकी समस्याओं के संवेदनशील और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अभिनव पहल “प्रोजेक्ट स्नेह” का शनिवार को विकासखंड सभागार अगस्त्यमुनि से भव्य शुभारंभ किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट स्नेह (सेफ्टी नर्चरिंग एम्पावर हेल्प) विषय पर एक दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न सरकारी अशासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों शिक्षकों तथा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित करना उनकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझना तथा उन्हें उचित परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करना रहा। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रभावी काउंसलिंग किशोरावस्था की चुनौतियों मनोवैज्ञानिक व्यवहार गोपनीयता बनाए रखने बाल संरक्षण तथा संवाद कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि अनेक बार किशोरियां अपनी व्यक्तिगत सामाजिक अथवा पारिवारिक समस्याओं को संकोच भय या विश्वास की कमी के कारण अपने परिजनों अथवा शिक्षकों से साझा नहीं कर पाती हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट स्नेह उन्हें एक सुरक्षित विश्वासपूर्ण और सकारात्मक मंच उपलब्ध कराएगा जहां वे बिना किसी डर के अपनी बात रख सकेंगी और विशेषज्ञों से आवश्यक मार्गदर्शन तथा काउंसलिंग प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं होगी बल्कि बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास आत्मनिर्भरता और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को करियर मार्गदर्शन व्यक्तित्व विकास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन स्वास्थ्य एवं पोषण मानसिक स्वास्थ्य कानूनी अधिकार महिला एवं बाल अधिकार बाल विवाह निषेध साइबर सुरक्षा गुड टच-बैड टच लैंगिक संवेदनशीलता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों से बचाव सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा मानसिक स्वास्थ्य भावनात्मक संतुलन आत्मविश्वास निर्माण तथा बालिकाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि विद्यालय स्तर पर बालिकाओं के साथ विश्वास का वातावरण तैयार करना इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी। अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा बहु-विभागीय टीम का गठन किया जाएगा। इसमें जिला प्रशासन पुलिस विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य विभाग बाल कल्याण समिति तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे। यह टीम जनपद के सभी विद्यालयों एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में जाकर बालिकाओं से संवाद स्थापित करेगी उनकी समस्याओं को गोपनीयता के साथ सुनेगी तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के समन्वय से समाधान सुनिश्चित करेगी। प्रोजेक्ट स्नेह का संचालन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में विद्यालयों और स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में जाकर बालिकाओं से संवाद और काउंसलिंग की जाएगी। दूसरे चरण में प्राप्त समस्याओं का विश्लेषण कर उनके मूल कारणों की पहचान करते हुए समाधान की रणनीति तैयार की जाएगी। तीसरे चरण में अभियान का विस्तार ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर तक किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किशोरियों और बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि प्रोजेक्ट स्नेह केवल एक जागरूकता अभियान नहीं बल्कि बालिकाओं के विश्वास सुरक्षा आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन का एक संवेदनशील प्रयास है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि जनपद की कोई भी बालिका स्वयं को अकेला असुरक्षित या असहाय महसूस न करे तथा प्रत्येक बालिका को अपनी बात कहने सुने जाने और समय पर उचित मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिले। उन्होंने सभी विभागों शिक्षकों एवं अभिभावकों से इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने और बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पुस्तक दान करें ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान को भी कार्यशाला में उपस्थित प्रधानाचार्यों का उत्साहपूर्ण सहयोग मिला। उन्होंने अभियान के समर्थन में 140 पुस्तकें भेंट कीं। इस पहल की सराहना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कर चुके हैं और उन्होंने स्वयं 150 पुस्तकें दान कर अभियान को प्रोत्साहित किया है। अब तक अभियान के तहत लगभग 500 पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं तथा निर्धारित एक हजार पुस्तकों का लक्ष्य शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है जिससे जनपद के पुस्तकालय को समृद्ध एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकों से सशक्त बनाया जा सकेगा। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर एसीएमओ डॉ.सीमा टेकचंदानी जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अखिलेश मिश्रा मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रभारी रंजना गैरोला भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।