प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की मौजूदगी में शनिवार को नई टिहरी स्थित क्रीड़ा हॉल में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) के अंतर्गत जनपद स्तरीय पंच सम्मेलन एवं जल उत्सव-जल संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से ग्राम प्रधानों पंचायत प्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के माध्यम से जल संरक्षण सिंचाई जल स्रोतों का पुनर्जीवन भूजल पुनर्भरण वाटरशेड विकास वनीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण को स्थायी स्वरूप दिया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के दायरे का भी विस्तार किया गया है। उन्होंने योजना के विभिन्न प्रावधानों पात्रता कार्य स्वीकृति की प्रक्रिया श्रमिकों के अधिकार तथा पारदर्शी क्रियान्वयन की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) के हाइड्रो जियोलॉजिस्ट डॉ.पंकज शेकवाल ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण उनके पुनर्जीवन वर्षा जल संचयन भूजल पुनर्भरण तथा जलागम विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से जल स्रोतों का संरक्षण अधिक प्रभावी और स्थायी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के विभिन्न प्रावधानों अनुमन्य कार्यों तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्राम प्रधानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए ग्राम प्रधान पंचायत प्रतिनिधि संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की मौजूदगी में शनिवार को नई टिहरी स्थित क्रीड़ा हॉल में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) के अंतर्गत जनपद स्तरीय पंच सम्मेलन एवं जल उत्सव-जल संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से ग्राम प्रधानों पंचायत प्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के माध्यम से जल संरक्षण सिंचाई जल स्रोतों का पुनर्जीवन भूजल पुनर्भरण वाटरशेड विकास वनीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण को स्थायी स्वरूप दिया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के दायरे का भी विस्तार किया गया है। उन्होंने योजना के विभिन्न प्रावधानों पात्रता कार्य स्वीकृति की प्रक्रिया श्रमिकों के अधिकार तथा पारदर्शी क्रियान्वयन की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) के हाइड्रो जियोलॉजिस्ट डॉ.पंकज शेकवाल ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण उनके पुनर्जीवन वर्षा जल संचयन भूजल पुनर्भरण तथा जलागम विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से जल स्रोतों का संरक्षण अधिक प्रभावी और स्थायी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के विभिन्न प्रावधानों अनुमन्य कार्यों तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्राम प्रधानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए ग्राम प्रधान पंचायत प्रतिनिधि संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।