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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जनपदभर में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। एक से सात अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी घर-घर जाकर प्रसूताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दे रहे हैं तथा नवजात शिशुओं को जन्म के बाद छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मेघना असवाल ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत जनपद की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों के साथ-साथ आशा एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा गृह भ्रमण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से की जा चुकी है। अभियान के दौरान प्रसूताओं को स्तनपान के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देने के साथ शिशु के समुचित पोषण और स्वस्थ विकास के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर छतकोट केवर्स उरेगी‌ बाड़ा श्योली कुंजखाल बूढ़ाकोट अगरोडा सिगडड़ी दुगड्डा औणी सहित जनपद की अन्य चिकित्सा इकाइयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जहां महिलाओं को स्तनपान के महत्व और शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जन्म से छह माह तक मां का दूध ही शिशु के लिए सर्वोत्तम और संपूर्ण आहार है। इससे बच्चे को आवश्यक पोषण मिलने के साथ उसका शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है तथा रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को आयरन की कमी दूर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आईएफए सिरप भी देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से शिशु स्वास्थ्य से संबंधित अधिक जानकारी के लिए निकटतम चिकित्सा इकाई आशा कार्यकर्ता अथवा एएनएम से संपर्क करने की अपील की। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भावना अभिलाषा नेगी नीति डोभाल स्नेहा बिष्ट दीपिका रावत सारिका रावत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्मिक मौजूद रहे।

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