प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई एवं समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। जन सुनवाई के दौरान फरियादियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष रखीं। आगर गांव की पूनम देवी ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कच्चे मकान में रह रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की। उरोली निवासी बृजमोहन काला ने अपने आवासीय भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। क्यूंजा गांव के विक्रम लाल ने भू-धंसाव के कारण अपने मकान के आगे और पीछे सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की। रतूड़ा की बबीता देवी ने रेलवे निर्माण कार्य से आवास क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्यत्र विस्थापन की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। सतेराखाल के वीर सिंह ने बताया कि उनके मकान के ऊपर भीमल का पेड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से पेड़ को कटवाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। दरमोला निवासी विक्रम लाल ने बताया कि 29 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण सड़क का पुश्ता ढह गया जिससे सड़क किनारे लगी उनकी ठेली और उसमें रखा सामान खाई में गिर गया। इससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा भी विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 31 शिकायतें जन सुनवाई में प्राप्त हुईं जिनमें से 14 का मौके पर निस्तारण किया गया जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन सुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि एल-1 स्तर पर 102 तथा एल-2 स्तर पर 29 शिकायतें लंबित हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई एवं समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। जन सुनवाई के दौरान फरियादियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष रखीं। आगर गांव की पूनम देवी ने बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कच्चे मकान में रह रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की। उरोली निवासी बृजमोहन काला ने अपने आवासीय भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। क्यूंजा गांव के विक्रम लाल ने भू-धंसाव के कारण अपने मकान के आगे और पीछे सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की। रतूड़ा की बबीता देवी ने रेलवे निर्माण कार्य से आवास क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्यत्र विस्थापन की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा। सतेराखाल के वीर सिंह ने बताया कि उनके मकान के ऊपर भीमल का पेड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से पेड़ को कटवाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। दरमोला निवासी विक्रम लाल ने बताया कि 29 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण सड़क का पुश्ता ढह गया जिससे सड़क किनारे लगी उनकी ठेली और उसमें रखा सामान खाई में गिर गया। इससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा भी विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 31 शिकायतें जन सुनवाई में प्राप्त हुईं जिनमें से 14 का मौके पर निस्तारण किया गया जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन सुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि एल-1 स्तर पर 102 तथा एल-2 स्तर पर 29 शिकायतें लंबित हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।