प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं माननीय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनपद न्यायाधीश रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को शहीद राय सिंह बंगारी राजकीय इंटर कॉलेज तुनेटा जखोली (रुद्रप्रयाग) में "पॉक्सो अधिनियम एनडीपीएस अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों के विधिक अधिकार एवं नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100" विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान कर उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। शिविर के दौरान सचिव पायल सिंह ने पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की रोकथाम बच्चों की सुरक्षा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा पीड़ित बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बच्चों से अपील की कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार उत्पीड़न अथवा शोषण की स्थिति में बिना किसी भय के अपने अभिभावकों शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें। शिविर के दौरान सचिव द्वारा पूर्व में घटित बाल सुरक्षा साइबर माध्यमों से बच्चों को बहलाने-फुसलाने तथा नशीले पदार्थों से संबंधित कुछ घटनाओं का संदर्भ देते हुए उपस्थित छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मामलों में जागरूकता की कमी भय अथवा समय पर जानकारी साझा न करने के कारण परिस्थितियाँ गंभीर हो जाती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अनुचित व्यवहार अथवा अपराध की जानकारी बिना किसी संकोच के अपने अभिभावकों शिक्षकों पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकरण को तत्काल दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन एवं अवैध कारोबार के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि परिवार एवं समाज पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के विधिक अधिकारों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने भरण-पोषण प्राप्त करने तथा उनके हितों की रक्षा हेतु विभिन्न विधिक प्रावधान उपलब्ध हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के साथ उपेक्षा दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की घटना होती है तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई तथा बताया गया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही लोक अदालत मध्यस्थता एवं अन्य वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणालियों के माध्यम से त्वरित सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त करने के विषय में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। शिविर के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों द्वारा पूछे गए विभिन्न विधिक प्रश्नों का सचिव पायल सिंह द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं माननीय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनपद न्यायाधीश रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को शहीद राय सिंह बंगारी राजकीय इंटर कॉलेज तुनेटा जखोली (रुद्रप्रयाग) में “पॉक्सो अधिनियम एनडीपीएस अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों के विधिक अधिकार एवं नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान कर उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। शिविर के दौरान सचिव पायल सिंह ने पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की रोकथाम बच्चों की सुरक्षा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा पीड़ित बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बच्चों से अपील की कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार उत्पीड़न अथवा शोषण की स्थिति में बिना किसी भय के अपने अभिभावकों शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें। शिविर के दौरान सचिव द्वारा पूर्व में घटित बाल सुरक्षा साइबर माध्यमों से बच्चों को बहलाने-फुसलाने तथा नशीले पदार्थों से संबंधित कुछ घटनाओं का संदर्भ देते हुए उपस्थित छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश मामलों में जागरूकता की कमी भय अथवा समय पर जानकारी साझा न करने के कारण परिस्थितियाँ गंभीर हो जाती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अनुचित व्यवहार अथवा अपराध की जानकारी बिना किसी संकोच के अपने अभिभावकों शिक्षकों पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकरण को तत्काल दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन एवं अवैध कारोबार के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि परिवार एवं समाज पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के विधिक अधिकारों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने भरण-पोषण प्राप्त करने तथा उनके हितों की रक्षा हेतु विभिन्न विधिक प्रावधान उपलब्ध हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के साथ उपेक्षा दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की घटना होती है तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई तथा बताया गया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही लोक अदालत मध्यस्थता एवं अन्य वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणालियों के माध्यम से त्वरित सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त करने के विषय में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। शिविर के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों द्वारा पूछे गए विभिन्न विधिक प्रश्नों का सचिव पायल सिंह द्वारा सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया।