प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उद्यान विभाग पौड़ी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पॉलीहाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को पॉलीहाउस तकनीक बेमौसमी एवं उच्च मूल्य वाली सब्जियों के वैज्ञानिक उत्पादन आधुनिक कृषि पद्धतियों फसल प्रबंधन तथा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विशेषज्ञों ने पॉलीहाउस तकनीक उच्च मूल्य वाली बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन आधुनिक कृषि पद्धतियों तथा पॉलीहाउस प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि वैज्ञानिक तरीके से पॉलीहाउस में खेती करने से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। द्वितीय दिवस प्रतिभागी कृषकों को ग्राम गडोली में प्रगतिशील कृषक अनिल राज चौफीन के पॉलीहाउस का भ्रमण कराया गया। इस दौरान किसानों ने पॉलीहाउस के अंतर्गत टमाटर शिमला मिर्च खीरा सहित अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन फसल प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अवलोकन किया और विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं। प्रशिक्षण के तृतीय एवं अंतिम दिवस पर पॉलीहाउस की स्थापना संचालन एवं रखरखाव से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सीबीडीसी प्रक्रिया के माध्यम से पॉलीहाउस के लिए ऑनलाइन आवेदन डिजिटल प्रक्रिया तथा आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी देकर प्रतिभागियों को आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी ने कृषकों से क्लस्टर आधारित पॉलीहाउसों के लिए अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन आवेदन करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से सीबीडीसी प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित की जा रही है जिससे व्यवस्था अधिक सरल पारदर्शी और सुविधाजनक बनी है। भरसार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ.एस.सी.पंत ने पॉलीहाउस में टमाटर शिमला मिर्च खीरा सहित उच्च मूल्य वाली बेमौसमी सब्जियों के वैज्ञानिक उत्पादन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान उनकी रोकथाम तथा समेकित कीट प्रबंधन के प्रभावी उपायों पर प्रकाश डालते हुए किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में भरसार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. एस.सी.पंत ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक हिमांशु पटवाल सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं प्रशिक्षण में शामिल कृषक उपस्थित रहे।
