प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने गुरुवार को जिला क्षय इकाई के साथ वर्चुअल माध्यम से प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर जनपद में संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के लिए टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क में आने वाले सभी लोगों को शत-प्रतिशत टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) से जोड़ने तथा सभी टीबी रोगियों की समयबद्ध सह-रुग्णता (को-मॉर्बिडिटी) जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क में 1,093 लोग चिन्हित किए गए हैं जिनमें से अब तक 620 लोगों को टीपीटी उपचार से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी रोगियों के सभी घरेलू संपर्कों का शत-प्रतिशत सत्यापन कर उनकी समयबद्ध स्क्रीनिंग की जाए और पात्र लोगों को टीपीटी उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी टीबी रोगियों की सह-रुग्णता का आकलन कर आवश्यक उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित सभी सूचनाओं को निक्षय पोर्टल पर समय से अपडेट किया जाए। बैठक में जिला क्षय अधिकारी डॉ.कुणाल चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत जनपद के 156 उच्च जोखिम वाले गांवों में एक्स-रे स्क्रीनिंग के लिए शिविर लगाए गए जिनमें 22,613 लोगों की एक्स-रे जांच की गई। इसके अलावा 22 गांवों में दूसरे चरण के एक्स-रे स्क्रीनिंग शिविर भी आयोजित किए जा चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला चिकित्सालय कोटेश्वर चिकित्सालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि तथा जखोली की ओपीडी में आने वाले उच्च जोखिम वाले सभी मरीजों की अनिवार्य एक्स-रे स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए ताकि टीबी रोग की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने नि-क्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी रोगियों को प्रतिमाह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाने वाली एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी रोगियों का शत-प्रतिशत फेस ऑथेंटिकेशन कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला क्षय अधिकारी डॉ.कुणाल चौधरी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अगस्त्यमुनि डॉ.अक्षिता ममगाईं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ऊखीमठ डॉ.गोपाल सजवाण प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जखोली डॉ.खुशपाल चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लीनिक डॉ.अंकित बगवाड़ी जिला समन्वयक एनटीईपी मुकेश बगवाड़ी जिला समन्वयक आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी डीईओ सतीश चंद्र नौटियाल एसटीएस प्रदीप रावत डीपीएस सुनील राणा हरीश चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने गुरुवार को जिला क्षय इकाई के साथ वर्चुअल माध्यम से प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर जनपद में संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के लिए टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क में आने वाले सभी लोगों को शत-प्रतिशत टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) से जोड़ने तथा सभी टीबी रोगियों की समयबद्ध सह-रुग्णता (को-मॉर्बिडिटी) जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क में 1,093 लोग चिन्हित किए गए हैं जिनमें से अब तक 620 लोगों को टीपीटी उपचार से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी रोगियों के सभी घरेलू संपर्कों का शत-प्रतिशत सत्यापन कर उनकी समयबद्ध स्क्रीनिंग की जाए और पात्र लोगों को टीपीटी उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी टीबी रोगियों की सह-रुग्णता का आकलन कर आवश्यक उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित सभी सूचनाओं को निक्षय पोर्टल पर समय से अपडेट किया जाए। बैठक में जिला क्षय अधिकारी डॉ.कुणाल चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत जनपद के 156 उच्च जोखिम वाले गांवों में एक्स-रे स्क्रीनिंग के लिए शिविर लगाए गए जिनमें 22,613 लोगों की एक्स-रे जांच की गई। इसके अलावा 22 गांवों में दूसरे चरण के एक्स-रे स्क्रीनिंग शिविर भी आयोजित किए जा चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला चिकित्सालय कोटेश्वर चिकित्सालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि तथा जखोली की ओपीडी में आने वाले उच्च जोखिम वाले सभी मरीजों की अनिवार्य एक्स-रे स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए ताकि टीबी रोग की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने नि-क्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी रोगियों को प्रतिमाह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाने वाली एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी रोगियों का शत-प्रतिशत फेस ऑथेंटिकेशन कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला क्षय अधिकारी डॉ.कुणाल चौधरी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अगस्त्यमुनि डॉ.अक्षिता ममगाईं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ऊखीमठ डॉ.गोपाल सजवाण प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जखोली डॉ.खुशपाल चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लीनिक डॉ.अंकित बगवाड़ी जिला समन्वयक एनटीईपी मुकेश बगवाड़ी जिला समन्वयक आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी डीईओ सतीश चंद्र नौटियाल एसटीएस प्रदीप रावत डीपीएस सुनील राणा हरीश चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।