प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष का स्मरणोत्सव’ के अंतर्गत सोमवार को ‘राष्ट्रीय गीत की संकल्पना एवं राष्ट्रीय चेतना में वंदे मातरम् की भूमिका’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 30 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में बीएड विभाग के डॉ.अमरजीत परिहार हिंदी विभाग के डॉ.अनूप सेमवाल और अंग्रेजी विभाग की डॉ.सविता भण्डारी शामिल रहे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ.विश्वेश वाग्मी ने निर्णायक मंडल का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता की रूपरेखा और विषय की गंभीरता से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ.नितीश बौंठियाल ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कार्यक्रम में डॉ.नरेश कुमार डॉ.प्रीति डॉ.कपिल पंवार सहित संस्कृत विभाग के शोधार्थियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में इसकी भूमिका तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से इसके संबंध पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष का स्मरणोत्सव’ के अंतर्गत सोमवार को ‘राष्ट्रीय गीत की संकल्पना एवं राष्ट्रीय चेतना में वंदे मातरम् की भूमिका’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 30 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में बीएड विभाग के डॉ.अमरजीत परिहार हिंदी विभाग के डॉ.अनूप सेमवाल और अंग्रेजी विभाग की डॉ.सविता भण्डारी शामिल रहे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ.विश्वेश वाग्मी ने निर्णायक मंडल का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता की रूपरेखा और विषय की गंभीरता से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ.नितीश बौंठियाल ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कार्यक्रम में डॉ.नरेश कुमार डॉ.प्रीति डॉ.कपिल पंवार सहित संस्कृत विभाग के शोधार्थियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में इसकी भूमिका तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से इसके संबंध पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।