प्रदीप कुमार
बदरीनाथ/श्रीनगर गढ़वाल। बदरीनाथ धाम में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आस्था की इस यात्रा के दौरान कई बार ऐसे मौके भी आते हैं, जब पुलिस और फायर सर्विस के जवानों की छोटी-सी मदद श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बन जाती है। बदरीनाथ धाम में जवानों ने भी अलग-अलग मामलों में श्रद्धालुओं की मदद कर मानवता और सेवा की मिसाल पेश की। भोपाल से आए 77 वर्षीय राम मोहन दीवान चलने में असमर्थ थे। बदरीनाथ धाम के दर्शन की उनकी इच्छा को देखते हुए फायरमैन सुशील और पीआरडी जवान जगमोहन ने उन्हें सहारा दिया और सुरक्षित दर्शन करवाए। दर्शन के बाद उनके चेहरे पर दिखाई दी खुशी को देखकर जवानों की मेहनत भी सफल हो गई। वहीं दिल्ली से अपने पिता के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचे 14 वर्षीय रोहन की दर्शन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद फायरमैन सुशील ने बिना समय गंवाए रोहन को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के बाद अब रोहन स्वस्थ है। एक अन्य मामले में कड़कड़डूमा दिल्ली निवासी केशव कृष्णापाल का मोबाइल फोन बदरीनाथ धाम में दर्शन के दौरान कहीं खो गया। इसकी जानकारी मिलने पर साकेत तिराहे पर तैनात फायर सर्विस कर्मी चन्द्रमोहन और पर्यटन विभाग के कर्मचारी रोहित फर्स्वाण ने मोबाइल की खोजबीन शुरू की। प्रयास के बाद मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद कर लिया गया और उसे उसके मालिक के सुपुर्द कर दिया गया। श्रद्धालुओं की मदद के इन मामलों ने यह संदेश दिया कि वर्दी केवल ड्यूटी निभाने तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत के समय किसी के लिए सहारा बनना भी इसका हिस्सा है। बदरीनाथ धाम में पुलिस और फायर सर्विस के जवान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार तत्पर हैं।
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प्रदीप कुमार
बदरीनाथ/श्रीनगर गढ़वाल। बदरीनाथ धाम में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आस्था की इस यात्रा के दौरान कई बार ऐसे मौके भी आते हैं, जब पुलिस और फायर सर्विस के जवानों की छोटी-सी मदद श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बन जाती है। बदरीनाथ धाम में जवानों ने भी अलग-अलग मामलों में श्रद्धालुओं की मदद कर मानवता और सेवा की मिसाल पेश की। भोपाल से आए 77 वर्षीय राम मोहन दीवान चलने में असमर्थ थे। बदरीनाथ धाम के दर्शन की उनकी इच्छा को देखते हुए फायरमैन सुशील और पीआरडी जवान जगमोहन ने उन्हें सहारा दिया और सुरक्षित दर्शन करवाए। दर्शन के बाद उनके चेहरे पर दिखाई दी खुशी को देखकर जवानों की मेहनत भी सफल हो गई। वहीं दिल्ली से अपने पिता के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचे 14 वर्षीय रोहन की दर्शन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद फायरमैन सुशील ने बिना समय गंवाए रोहन को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के बाद अब रोहन स्वस्थ है। एक अन्य मामले में कड़कड़डूमा दिल्ली निवासी केशव कृष्णापाल का मोबाइल फोन बदरीनाथ धाम में दर्शन के दौरान कहीं खो गया। इसकी जानकारी मिलने पर साकेत तिराहे पर तैनात फायर सर्विस कर्मी चन्द्रमोहन और पर्यटन विभाग के कर्मचारी रोहित फर्स्वाण ने मोबाइल की खोजबीन शुरू की। प्रयास के बाद मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद कर लिया गया और उसे उसके मालिक के सुपुर्द कर दिया गया। श्रद्धालुओं की मदद के इन मामलों ने यह संदेश दिया कि वर्दी केवल ड्यूटी निभाने तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत के समय किसी के लिए सहारा बनना भी इसका हिस्सा है। बदरीनाथ धाम में पुलिस और फायर सर्विस के जवान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार तत्पर हैं।