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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पर जिला प्रशासन टिहरी द्वारा लगाए गए करीब 9.90 करोड़ रुपये के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को समाप्त कराने की प्रक्रिया को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह एवं डीन नियुक्ति एवं पदोन्नति प्रो.एमएस पंवार ने कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री को अनुरोध पत्र सौंपा। अनुरोध पत्र में कुलपति ने वर्ष 2013 की आपदा के दौरान चौरास क्षेत्र के गांवों को श्रीनगर से जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त सड़क तथा विश्वविद्यालय के खेल मैदानों के पुनर्स्थापन के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की निर्माणाधीन सुरंगों से निकलने वाली अनुपयोगी खनन सामग्री के जनोपयोगी भंडारण से जुड़े मामले का उल्लेख किया है। इसी मामले में जिला प्रशासन टिहरी द्वारा विश्वविद्यालय पर रॉयल्टी एवं अर्थदंड आरोपित किया गया था। कुलपति ने पत्र में बताया कि 24 जुलाई 2026 को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हुई वार्ता के दौरान भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने पूर्व में विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाकर विश्वविद्यालय पर आरोपित रॉयल्टी एवं अर्थदंड समाप्त करने तथा विश्वविद्यालय से कोई रॉयल्टी या अर्थदंड नहीं लिए जाने की घोषणा की थी। पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 की आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों विश्वविद्यालय एवं चौरास क्षेत्र की जनता को हुई असुविधाओं आदि को ध्यान में रखते हुए 9.90 करोड़ रुपये की रॉयल्टी एवं अर्थदंड को माफ करने का पुनः आश्वासन दिया है। कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय हित में कैबिनेट बैठक में इस प्रकरण का निस्तारण करते हुए विश्वविद्यालय पर लगाए गए 9.90 करोड़ रुपये के रॉयल्टी एवं अर्थदंड को समाप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि राज्य सरकार के स्तर पर शीघ्र निर्णय होने से लंबे समय से चले आ रहे इस प्रकरण का समाधान हो सकेगा।

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