प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें इसके लिए विकासखंड खिर्सू के ग्राम जमणाखाल में शुक्रवार को विधिक सेवा केंद्र की शुरुआत की गई। इस अवसर पर जनता इंटर कॉलेज जमणाखाल में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता उनके अधिकारों तथा विभिन्न विधिक योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम ने कहा कि विधिक सेवा केंद्र के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा तथा न्यायालयीन मामलों में आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता सुलह लोक अदालत एवं स्थायी लोक अदालत के माध्यम से विवादों के समाधान के संबंध में भी लोगों को मार्गदर्शन दिया जाएगा। विधिक जागरूकता शिविर में वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विधिक सेवा योजना-2016 की जानकारी दी गई। सचिव ने बताया कि योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के जीवन स्वतंत्रता गरिमा एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए सुलभ एवं प्रभावी विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। शिविर में महिलाओं बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों साइबर अपराध से बचाव नशे के दुष्प्रभाव मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों तथा विभिन्न विधिक एवं कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी जागरूक किया गया। सचिव ने कहा कि पात्र व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और उपलब्ध विधिक सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस अवसर पर एडीओ पंचायत खिर्सू कुंदन सिंह पुंडीर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हिमांशु ज्याड़ा सहायक विधिक सहायता प्रतिरक्षा अधिवक्ता विनोद कुमार अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत अधिकार मित्र राजवीर सिंह एवं जयन्ती राणा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
