प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने गुरुवार 20 अगस्त को त्रियुगीनारायण क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क मार्ग मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने सोनप्रयाग से त्रियुगीनारायण तक सड़क मार्ग को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने त्रियुगीनारायण मंदिर परिसर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा भविष्य में विकसित की जाने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण पार्किंग हेलीपैड सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं का भी जायजा लिया। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर उन्होंने जनपदवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुलभ शौचालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था पानी की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही त्रियुगीनारायण में नए शौचालय के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का स्थलीय निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने त्रियुगीनारायण के ग्रामीणों के साथ परिचर्चा कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। ग्रामीणों ने महिलाओं को फूलों की खेती से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और उद्यान विभाग के माध्यम से आवश्यक सहयोग देने का अनुरोध किया। ग्रामीणों ने पॉलीहाउस उपलब्ध कराने त्रियुगीनारायण स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी जिलाधिकारी के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से भी संवाद कर उनके कार्यों स्वरोजगार गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों की जानकारी ली। त्रियुगीनारायण के आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए क्षेत्र के समग्र एवं विश्वस्तरीय विकास को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने त्रियुगीनारायण को पंवालीकांठा और गंगोत्री क्षेत्र से जोड़ने तथा पर्यटन की दृष्टि से बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने का अनुरोध किया। इसके अलावा क्षेत्र में पार्किंग हेलीपैड मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की मांग भी रखी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि त्रियुगीनारायण धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं का परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सोनप्रयाग में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्थापित कॉम्पेक्टर प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्लास्टिक कचरे की बेल्स तैयार कर उन्हें अधिक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से रखने और निर्धारित समय पर निस्तारण के लिए भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सोनप्रयाग में घोड़े-खच्चरों के ठहरने के लिए बनाई गई सुविधा का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को परिसर में जमा घोड़े की लीद और अन्य अपशिष्ट को नियमित रूप से हटाने तथा साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक पशु के स्वास्थ्य चारा-पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित ध्यान रखने को कहा। पशु चिकित्सा विभाग को सभी पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
