प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर शनिवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता सीवरेज सेप्टेज तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि गंगा की मुख्य धारा तक पहुंचने से पहले ही सहायक नदियों नालों एवं जलस्रोतों में प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट के प्रवाह को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं। उन्होंने सभी सीवेज शोधन संयंत्रों का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्थिति में बिना शोधन किए सीवेज को नदियों में प्रवाहित न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट का भी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा ताकि जलस्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। इसके साथ ही नगर निकायों को स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिक मात्रा में ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों को चिन्हित करने तथा उनके स्तर पर प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू कराने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वन विभाग के उप प्रभागीय अधिकारी जुगल किशोर परियोजना निदेशक आनंद सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
